प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में दुग्ध विभाग की होगी महत्वपूर्ण एवं सार्थक भूमिका
प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जाए
प्रदेश में निरन्तर दुग्ध समितियांे की संख्या बढ़ाई जाए
पराग के उत्पादों की विपणन व्यवस्था और मजबूत की जाए
-श्री धर्मपाल सिंह
लखनऊः 18 अगस्त, 2025
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में दुग्ध विभाग की महत्वपूर्ण एवं सार्थक भूमिका होगी, इसलिए प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने के लिए प्रदेश में निरन्तर दुग्ध समितियांे की संख्या बढ़ाई जाए। निष्क्रिय समितियों को क्रियाशील कर संचालित किया जाए, वर्तमान में संचालित समितियां किसी भी कारण से बंद न होने पाए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों एवं किसानों को दुग्ध व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाए। उनसे दुग्ध उत्पादन की नई तकनीकों एवं जानकारियॉ साझा की जाए, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सके।
पशुधन मंत्री सोमवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के महत्वपूर्ण एवं सार्वजनिक स्थानों पर पराग बूथ स्थापित कराने के लिए कार्ययोजना बनायी जाए। पराग के शुद्ध, स्वादिष्ट और पौष्टिक उत्पादों दूध, दही, लड्डू, मक्खन आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। श्री सिंह ने कहा कि पराग के उत्पादों की विपणन व्यवस्था और मजबूत की जाए। मार्केटिंग पर और फोकस किया जाए। किसानों, पशुपालकों को बकाया दुग्ध मूल्य का भुुगतान नियमित रूप से किया जाए।
दुग्ध विकास मंत्री ने समीक्षा बैठक में गठन/पुर्नगठन के सापेक्ष संचालित दुग्ध समितियां, दुग्ध समितियों के भ्रमण, डेयरी प्लांट की उपयोगिता क्षमता, दुग्ध उपार्जन, तरल दुग्ध बिक्री बकाया, दुग्ध मूल्य भुगतान की स्थिति आदि बिन्दुओं की गहन समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में माह जुलाई 2025 तक कार्यरत समितियां 7504 हैं। जिला योजना के तहत 220 समिति गठन लक्ष्य के सापेक्ष 190 का गठन पूर्ण है। 450 समिति पुनर्गठन लक्ष्य के सापेक्ष 285 पुनर्गठन पूर्ण है। नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत 2250 समिति गठन लक्ष्य के सापेक्ष 1307 गठन पूर्ण हैं। कुल 1497 समितियों का गठन किया गया है। दुग्ध उपार्जन एवं तरल दुग्ध विक्रय की स्थिति के संबंध में बताया गया कि औसत दुग्ध उपार्जन प्रतिदिन 3.71 एलकेजीपीडी रहा, जिसमें गत वर्ष से 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। औसत तरल दुग्ध बिक्रय प्रतिदिन 2.05 एलएलपीडी रहा, जिसमें गत वर्ष से 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
बैठक में दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमित कुमार घोष ने मंत्री जी को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनसे प्राप्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को समितियों की संख्या बढ़ाये जाने के संबंध में तत्परता से कार्य किये जाने के निर्देश दिये। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बकाया दुग्ध मूल्य भुगतान के संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता न बरती जाए और किसानों एवं पशुपालकों को भुगतान निर्धारित अवधि के भीतर ही किया जाए।
बैठक में पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक श्री वैभव श्रीवास्तव, दुग्ध आयुक्त श्री राकेश कुमार मिश्रा, श्रीमती नयनतारा, डा0 राम सागर सहित दुग्ध विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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