मुख्यमंत्री नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में सम्मिलित हुए
मुख्यमंत्री ने विगत 12 वर्षों में अपने यशस्वी नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं अथक परिश्रम से भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया
प्रधानमंत्री जी के सक्षम नेतृत्व में भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित : मुख्यमंत्री
प्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्र अब बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रथम विद्यालय बन रहे, लगभग 72 हजार सह-स्थित आंगनवाड़ी केन्द्रों का बालवाटिका के रूप में संचालन
आंगनवाड़ी भवन की निर्धारित निर्माण लागत के पुनरीक्षण तथा वर्तमान में प्रचलित समेकित मद व्यवस्था के स्थान पर इस व्यय का वहन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जाने का अनुरोध
टेक होम राशन की लागत को संशोधित करते हुए थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाना समीचीन
उ0प्र0 में राज्य-वित्तपोषित अनुदानित विद्यालयों को समग्र शिक्षा योजना में सम्मिलित किए जाने का अनुरोध, यह ‘सबको शिक्षा, समान शिक्षा’ के संकल्प को मूर्त रूप प्रदान करेगा
प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से प्रारम्भ हुई ’आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ विश्व की सर्वाधिक दूरदर्शी स्वास्थ्य योजना, इस योजना ने असंख्य निर्धन परिवारों को असाध्य बीमारियों से जूझने की सामर्थ्य प्रदान की
उ0प्र0 में आयुष्मान भारत योजना की प्रीमियम राशि को बढ़ाकर 2,400 रु0 प्रति परिवार करने के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय का अनुरोध, ताकि योजना की निरन्तरता एवं गुणवत्ता दोनों अक्षुण्ण बनी रहे
प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता से एम्स गोरखपुर एवं रायबरेली ने पूर्वी एवं मध्य उ0प्र0 में स्वास्थ्य सेवा की तस्वीर बदल दी, पश्चिमी उ0प्र0 एवं बुन्देलखण्ड में टर्शिअरी हेल्थकेयर हेतु एक-एक एम्स की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकृत किए जाने का अनुरोध
प्रदेश सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा में एक समर्पित ’रोबोटिक्स क्लस्टर’ विकसित करने के लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित, इस परियोजना को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान किए जाने का अनुरोध
लाइटनिंग से होने वाली जन-धन हानि की रोकथाम के लिए प्रदेश हेतु एक डेडिकेटेड सैटेलाइट उपलब्ध कराने का अनुरोध
लखनऊ : 11 जून, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विगत 12 वर्षों में अपने यशस्वी नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं अथक परिश्रम से भारत को वैश्विक मंच पर एक नई वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के सक्षम नेतृत्व में भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित है। 07 विशेष वचनों का पालन करने का प्रधानमंत्री जी का देशवासियों से आह्वान, ‘राष्ट्र प्रथम’ और आत्मनिर्भरता के संकल्पों से जुड़ने की नई राह दिखाता है।
‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने प्रत्येक राज्य, जिला और गाँव को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने का मंत्र दिया था। ‘विकसित भारत’ के सामूहिक संकल्प से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश में विकसित उत्तर प्रदेश/2047 विजन डॉक्युमेण्ट तैयार किया गया है। इस संकल्पना के क्रियान्वयन के क्रम में, राज्य सरकार के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन पर उन्होंने नीति आयोग एवं भारत सरकार से सकारात्मक विचार करने का अनुरोध किया।
ऽ मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्र अब केवल भवन नहीं, अपितु बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रथम विद्यालय बन रहे हैं। प्रदेश में लगभग 72 हजार सह-स्थित आंगनवाड़ी केन्द्रों को बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित 11.84 लाख रुपये की लागत के साथ-साथ, राज्य सरकार ने 30.22 लाख रुपये की लागत से 2,000 वर्गफीट में आधुनिक आंगनवाड़ी केन्द्रों का नवीन प्रतिमान अंगीकार किया है, जिससे यह केन्द्र गुणवत्तापूर्ण शाला-पूर्व शिक्षा एवं समस्त आवश्यक सुविधाओं से युक्त बन सकें। उन्होंने अनुरोध किया कि आंगनवाड़ी भवन निर्माण की निर्धारित लागत का पुनरीक्षण किया जाए तथा वर्तमान में प्रचलित समेकित मद व्यवस्था के स्थान पर इस व्यय का वहन केवल एक मद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाए।
ऽ मुख्यमंत्री जी ने कहा कि टेक होम राशन की लागत का अन्तिम संशोधन वर्ष 2017 में हुआ था। इसके दृष्टिगत टेक होम राशन की लागत को संशोधित करते हुए थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाना समीचीन होगा। इससे टेक होम राशन आपूर्ति हेतु निर्धारित लागत मानक वर्तमान बाजार दरों के अनुरूप और यथार्थ बनी रहेगी, जिससे गर्भवती माताओं, धात्री बहनों एवं बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण निरन्तर पहुँचता रहे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समग्र शिक्षा योजना वर्तमान में केवल राजकीय विद्यालयों तक सीमित है। उत्तर प्रदेश में 4,512 राज्य-वित्तपोषित अनुदानित विद्यालय हैं, जो राजकीय विद्यालयों की भाँति ही प्रदेश के लाखों बालक-बालिकाओं को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। योजना में सम्मिलित न होने के कारण यह विद्यालय एवं उनमें अध्ययनरत साधारण परिवारों के विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं। समग्र शिक्षा योजना के संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। इसके दृष्टिगत उन्होंने अनुरोध किया कि इन वित्तपोषित विद्यालयों को भी योजना के अन्तर्गत सम्मिलित किया जाए। यह ‘सबको शिक्षा, समान शिक्षा’ के संकल्प को मूर्त रूप प्रदान करेगा।
ऽ मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से प्रारम्भ हुई ’आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ विश्व की सर्वाधिक दूरदर्शी स्वास्थ्य योजना है। इस योजना ने असंख्य निर्धन परिवारों को असाध्य बीमारियों से जूझने की सामर्थ्य प्रदान की है। इस योजना’ के अन्तर्गत वर्ष 2018 से प्रति परिवार प्रीमियम दर 1,102 रुपये निर्धारित है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान दावा-व्यय एवं वास्तविक लागत के आधार पर यह प्रीमियम लगभग 2,900 रुपये प्रति परिवार तक पहुँच चुका है। स्वीकृत राशि एवं वास्तविक व्यय के अन्तर का सम्पूर्ण भार वर्तमान में राज्य सरकार वहन कर रही है। यद्यपि व्यवस्था 60ः40 के अनुपात की है। राज्य सरकार ने प्रीमियम राशि को बढ़ाकर 2,400 रुपये प्रति परिवार किए जाने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया है। उन्होंने अनुरोध किया कि इस पर यथाशीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, जिससे इस पुनीत योजना की निरन्तरता एवं गुणवत्ता दोनों अक्षुण्ण बनी रहे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता से एम्स गोरखपुर एवं रायबरेली ने पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा की तस्वीर बदल दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं बुन्देलखण्ड के लगभग 9 करोड़ नागरिक आज भी टर्शिअरी हेल्थकेयर हेतु दिल्ली एवं लखनऊ पर निर्भर हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि इन दोनों क्षेत्रों में भी एक-एक एम्स की स्थापना का प्रस्ताव यथाशीघ्र स्वीकृत किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सेमीकण्डक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां निर्धारित की गयी हैं, जो अत्यन्त सराहनीय हैं। केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश को सेमीकण्डक्टर हब बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। सेमीकण्डक्टर की ही भांति रोबोटिक्स और फोटोनिक्स जैसी उभरती हुई तकनीकों में भारत में अपार संभावनाएं हैं। यह सेक्टर्स भविष्य की आर्थिक वृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत इनमें वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन सकता है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा में एक समर्पित ’रोबोटिक्स क्लस्टर’ विकसित करने के लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित की गयी है। इस क्लस्टर में विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है, जो राज्य और देश के आर्थिक लक्ष्यों को गति प्रदान करेगा। उन्होंने अनुरोध किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने और इसकी पूर्ण क्षमता का उपयोग करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वज्रपात प्रदेश में मौसमजनित मृत्यु का प्रमुख कारण रहा है। सैटेलाइट एवं रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी के माध्यम से समय रहते सटीक चेतावनी उपलब्ध होने से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अनुरोध किया कि लाइटनिंग से होने वाली जन-धन हानि की रोकथाम के लिए प्रदेश हेतु एक डेडिकेटेड सैटेलाइट उपलब्ध करायी जाए।
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