12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को, योग को दिनचर्या में शामिल करने की अपील
योग की बढ़ती लोकप्रियता से रोजगार के अवसर भी बढ़े-डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’
लखनऊ: 20 जून, 2026
उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में सहभागिता करने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ’’करे योग, रहे निरोग’’ का संदेश अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकता है।
डॉ. दयालु ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों, तहसीलों, विकास खंडों, नगर निकायों तथा ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों पर भी विशेष योग सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम योगा फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) निर्धारित की गई है। इस थीम का उद्देश्य लोगों को बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान जीवन जीने के लिए योग के महत्व से अवगत कराना है। योग दिवस के व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आयुष मंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और जीवन पद्धति का अभिन्न अंग है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली और संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2015 से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। आज विश्व के लगभग सभी देशों में योग को स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए अपनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान योग की उपयोगिता और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आई। उस समय प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में योग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में योग की उपयोगिता को स्वीकार किया।
डॉ. दयालु ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य संवर्धन का माध्यम ही नहीं है, बल्कि यह रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। योग प्रशिक्षक, योग चिकित्सक, वेलनेस विशेषज्ञ तथा योग केंद्रों के संचालन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। योगासन अब खेलकूद और फिटनेस गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से चली आ रही भारत की योग परंपरा स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन, मानसिक एकाग्रता, बौद्धिक विकास तथा जीवनशैली संबंधी अनेक रोगों के निवारण में सहायक सिद्ध हुई है। हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से आत्मसंयम, मानसिक संतुलन और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
आयुष मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे 21 जून को आयोजित योग कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें और योग को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें।
सम्पर्क सूत्र- अजय द्विवेदी

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