मुख्यमंत्री जनपद गोरखपुर में पं0 दीनदयाल उपाध्याय
प्रशिक्षण महाअभियान में सम्मिलित हुए

जिन आशाओं और आकांक्षाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी यात्रा
प्रारम्भ की, आज वह सभी सपने फलीभूत होते दिखायी दे रहे : मुख्यमंत्री

पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के मूल्यों और आदर्शों से प्रत्येक कार्यकर्ता को
जोड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने यह महा अभियान आयोजित किया

लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करने वाले लोगों के लिए भाजपा प्रेरणा बनी

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में हमने बदलते हुए भारत को देखा

प्रधानमंत्री जी की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना की
पृष्ठभूमि में डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरुषों का योगदान

पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा कि हमारी आर्थिक उन्नति का आधार
ऊंचे पायदान पर खड़ा व्यक्ति नहीं, बल्कि सबसे नीचे पायदान पर बैठा व्यक्ति,
आर्थिक नीतियां उसके हित को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए

राजनीतिक स्थिरता विकास के लिए आवश्यक, इसकी शुरुआत
स्वतंत्र भारत में पहली बार पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी ने की

श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने दल से बड़ा देश को माना,
उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए आपातकाल के खिलाफ शंखनाद किया

भाजपा की विचारधारा के कारण कश्मीर के आतंकवाद तथा
पूर्वोत्तर भारत के उग्रवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप व स्टैंड-अप योजना, डिजिटल इंडिया, पी0एम0 विश्वकर्मा तथा वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट जैसी योजनाएं प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में व्यापक परिवर्तन कर रहीं


लखनऊ : 27 जून, 2026 :ः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण शिविर पं0 दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान का हिस्सा है। हम सब जानते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी ने संस्कारों से ढलकर भारतीय जनसंघ की स्थापना के समय में संगठन महामंत्री के रूप में दायित्व का निर्वहन किया। पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा था कि हमारी आर्थिक उन्नति का आधार ऊंचे पायदान पर खड़ा व्यक्ति नहीं, बल्कि सबसे नीचे पायदान पर बैठा व्यक्ति है। उस व्यक्ति के साथ हम अपनी आर्थिक नीतियों का समन्वय करें। आर्थिक नीतियां उनके हित को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने देश की आर्थिक नीतियों को ध्यान में रखते हुए अन्त्योदय का विचार भारतीय राजनीति को प्रदान किया।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद गोरखपुर में पं0 दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान में अपने विचार व्यक्त रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वास्तव में राजनीति मूल्यों और आदर्शों पर आधारित होती है। बिना मूल्य और आदर्श की राजनीति के बारे में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी कहते थे कि यह एक मौत का फंदा है। यदि कोई व्यक्ति बिना मूल्यों व आदर्शों के राजनीति में आया, तो वह स्वयं तो मरेगा ही, सिस्टम को भी मार डालेगा। पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के मूल्यों और आदर्शों से प्रत्येक कार्यकर्ता को जोड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने यह महा अभियान आयोजित किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में वर्ष 1951 से वर्ष 1977 तक और वर्ष 1980 से वर्तमान तक भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व चल रहा है। जिन आशाओं और आकांक्षाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी यात्रा प्रारम्भ की, आज वह सभी सपने फलीभूत होते दिखायी दे रहे हैं। दुनिया में किसी भी राजनीतिक दल के लिए इस प्रकार की सफलता का प्रतिमान स्थापित करना किसी सपने से कम नहीं। आज भारतीय जनता पार्टी दुनिया में सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में स्थापित  है। लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास करने वाले लोगों के लिए यह पार्टी प्रेरणा बनी है। इसके पीछे भारतीय जनसंघ के वह संस्कार व मूल्य हैं, जो भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता ने अंगीकार किए थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 1951 में संस्थापक अध्यक्ष के रूप में डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जो यात्रा प्रारम्भ हुई, वर्ष 1977 तक भारतीय जनसंघ के रूप में वह यात्रा मजबूती के साथ आगे बढ़ी थी। डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में खाद्य और भारी उद्योग मंत्री थे। उन्होंने  नेहरू सरकार द्वारा तुष्टीकरण की पोषक नीतियों को प्रोत्साहित करने के विरोध में मंत्रिमण्डल से इस्तीफा दिया और उसके खिलाफ देश में आंदोलन की शुरुआत की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने महसूस किया कि यह उचित समय है, जब हम उस वैक्यूम की पूर्ति का आधार बन सकते हैं, जो कांग्रेस के तुष्टीरण की पोषक नीतियों के कारण प्रारम्भ होने वाला है। उस समय डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना होती है।
प्रत्येक दल अपनी सत्ता व वर्चस्व के लिए लड़ता है। भारतीय जनसंघ ने स्थापना के बाद डॉ0 मुखर्जी कांग्रेस सरकार द्वारा कश्मीर के विरुद्ध की जा रही साजिशों का पर्दाफाश करने तथा देश की एकता और अखण्डता को बनाए रखने के लिए अभियान चलाया था। इस कार्य के लिए उन्होंने अपना बलिदान दे दिया। भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनसंघ का प्रत्येक कार्यकर्ता किसी भी बड़े अभियान व आन्दोलन में नारा लगाता था ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है।’ ‘एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं चलेंगे,’ नहीं चलेंगे, यह आह्वान तथा कश्मीर की परमिट पद्धति का विरोध करते हुए डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी साजिश के शिकार हो गए। उन्होंने अपना बलिदान दिया तथा भावी पीढ़ी में देश के लिए कुछ कर गुजरने की जज्बा भी पैदा किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारतीय जनसंघ, भारतीय जनता पार्टी का पूर्व नाम है। यह उन महापुरुषों के बलिदानों पर आधारित है, जिन्होंने देश हित के लिए स्वयं को न्योछावर कर दिया था। डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी सबसे कम उम्र में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने थे। उन्होंने एक शिक्षाविद के रूप में देश को दिशा दी थी। उन्हांने भारत विभाजन के षड़यंत्र के खिलाफ आवाज उठायी थी। डॉ0 मुखर्जी ने बंगाल में अकाल की त्रासदी के दौरान वहां के लोगों को राहत देने के अभियान का नेतृत्व किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना की पृष्ठभूमि में डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महा पुरुष हैं।
राजनीतिक स्थिरता विकास के लिए आवश्यक है। राजनीतिक स्थिरता की शुरुआत स्वतंत्र भारत में पहली बार पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी ने की थी। उन्होंने वर्ष 1967 में मिलीजुली सरकार तथा संयुक्त विपक्ष का निर्माण करने के लिए अभियान प्रारम्भ किया था। भारतीय जनता पार्टी ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी के नेतृत्व में केंद्र में गठबंधन की सरकार बनायी थी। देश में राजनीतिक अस्थिरता के कारण भारत की अर्थव्यवस्था खराब स्थिति में पहुंच चुकी थी। वर्ष1996 और वर्ष1998 में श्रद्धेय अटल जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी। वर्ष 1996 की सरकार मात्र 13 दिन रही। वर्ष 1998 में बनी सरकार वर्ष 2004 तक लगातार कार्य करती रही। राजनीतिक स्थिरता का दौर श्रद्धेय अटल जी ने दिया, लेकिन इसकी शुरुआत पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी ने की थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी राजनीति में मूल्यों और आदर्शों के प्रति समर्पण भाव के प्रतीक थे। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी ने दल से बड़ा देश माना था। उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए आपातकाल के खिलाफ शंखनाद किया था। कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल थोपा था। एक तानाशाही सरकार देश के लोकतंत्र का गला घोटना चाहती थी। उसके खिलाफ देश के सभी विपक्षी दल आन्दोलन करने लगे। वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी की गई। लेकिन विपक्षी दलों में वास्तविक ताकत भारतीय जनसंघ के पास थी। भारतीय जनसंघ के सबसे ज्यादा नेता गिरफ्तार हुए। एक वार्ड अध्यक्ष व बूथ अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक सभी वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 1975 में 01 लाख से अधिक गिरफ्तारियां हुई थीं। तब देश के लोकतंत्र को बचाने के लिये श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी के नेतृत्व में निर्णय लिया गया कि दल से बड़ा देश है, इसलिए देश के हित में कार्य करना है। उस समय जनता पार्टी में भारतीय जनसंघ का विलय कर पहली बार श्री मोरारजी देसाई जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी। भारतीय जनसंघ की ओर से श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई, श्री लालकृष्ण आडवाणी, श्री नानाजी देशमुख जैसे नेताओं को कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी विदेश मंत्री तथा श्री लालकृष्ण आडवाणी जी सूचना और प्रसारण मंत्री बने। सरकार अच्छी चल रही थी, लेकिन आपसी मतभेदों के कारण जनता पार्टी बहुत दिनों तक नहीं चल पाई और टूट गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 06 अप्रैल, 1980 को देश की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई ने भारतीय जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष के रूप में कार्य करना प्रारम्भ किया। लम्बे समय तक अटल जी, आडवाणी जी तथा डॉ0 मुरली मनोहर जोशी जी का नेतृत्व इस पार्टी को प्राप्त हुआ। वर्ष 1985 के आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने मात्र दो लोकसभा सीटें जीती थीं। आज केन्द्र के साथ-साथ देश के 21 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। यह यात्रा केवल सत्ता प्राप्त करने की यात्रा नहीं, बल्कि यह सुरक्षा, सुशासन, समृद्धि और समन्वय की बेहतरीन यात्रा है। देश में आन्तरिक तथा वाह्य सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण बना है। वर्ष 2014 से पूर्व दुश्मन देश हमारे सैनिकों के साथ क्रूरता करता था। सरकारें कहती थीं, कि बोलना नहीं है। कहीं सम्बन्ध खराब न हो जाएं। देश की कीमत पर सम्बन्ध बनाने की चिंता थी। वर्ष 2014 के पश्चात दुश्मन में हमसे आंख मिलाने का सामर्थ्य नहीं बचा है। यदि दुश्मन भारत की सीमा का अतिक्रमण करता है, भारत के जवानों पर चोरी छिपे व छद्म रूप से हमला करता है, तो एयर और सर्जिकल स्ट्राइक से उसे नेस्तानाबूत कर दिया जाता है। आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने देश ही नहीं दुनिया के सामने अपनी शक्ति और सामर्थ्य का परिचय देकर के भारत की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2014 के पूर्व देश की आंतरिक सुरक्षा अत्यन्त खतरे में थी। कश्मीर जल रहा था। पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद था। देश के 120 जनपदों में नक्सलवाद चुनौती दे रहा था। लेकिन आज नक्सलवाद देश के एक-दो जनपदों तक सीमित रह गया है, वह भी बहुत शीघ्र समाप्त होगा। यह कार्य करने का जज्बा होता है। विगत दिनों हम लोगों ने गृह मंत्री जी के साथ बस्तर में एक बैठक की थी। बस्तर छत्तीसगढ़ का वह क्षेत्र है, जहां पर दशकों के बाद कोई सरकारी बैठक हुई थी। पहले बस्तर नक्सलवाद से प्रभावित था। मुझे विधानसभा चुनाव के दौरान वहां जाने का अवसर मिला था। चुनाव के दौरान भारी फोर्स की तैनाती के कारण जन सभा कर पाया था। लेकिन इस बार जब मैं वहां गया, तो कहीं सेना व पुलिस नहीं थी। पब्लिक में उत्साह था। विकास कार्य हो रहे हैं। उद्योग लग रहे हैं। होटल बन रहे हैं। आज वह नक्सलवाद से मुक्त है। यह सब भारतीय जनता पार्टी के कारण सम्भव हो सका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के कारण कश्मीर के आतंकवाद को पूरी तरह कुचल दिया गया है। पूर्वोत्तर भारत के उग्रवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही हम विकास की बात कर सकते हैं। सुरक्षा ही नहीं होगी, तो विकास कहां से होगा। आज सुरक्षा के बेहतरीन वातावरण का ही परिणाम है कि देश में अनेक विकास कार्य हो रहे हैं। इनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोड कनेक्टिविटी, हाई-वे, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, इनलैण्ड वॉटर-वे, रेलवे नेटवर्किंग, मेट्रोज़, रोप-वे, लॉजिस्टिक्स हब आदि कार्य सम्मिलित हैं। जिस देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होगा, वह देश उतनी तेज गति से विकास करेगा। यह विकास की प्राथमिक आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में हमने बदलते हुए भारत को देखा है। कोई सोचता था कि 12 करोड़ गरीबों के घर में शौचालय बन जाएंगे। 04 करोड़ गरीबों को सिर ढकने के लिए आवास मिल जायेंगे। करोड़ों लोगों को हर-घर-नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल मिल जाएगा। 50 करोड़ गरीबों को 05 लाख रुपये की आयुष्मान भारत योजना से मुफ्त इलाज तथा 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन की सुविधा का लाभ प्राप्त हो जाएगा। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप व स्टैंड-अप योजना, डिजिटल इंडिया, पी0एम0 विश्वकर्मा तथा वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट जैसी योजनाएं प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में व्यापक परिवर्तन कर रहीं हैं। गांव में निवास करने वाला गरीब घरौनी की सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहा है।
मुख्मयंत्री जी ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के कारण देश में 25 करोड़ लोग विगत 12 वर्षों में गरीबी रेखा से उबरकर मध्यम आय श्रेणी में आए हैं। मध्यम आय श्रेणी के व्यक्ति भारत के विकास में सहभागी बन पा रहे हैं। देश में विरासत और विकास का समन्वय देखने को मिल रहा है। क्या कोई कल्पना करता था कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि का विवाद समाप्त हो पाएगा। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है। लाखों श्रद्धालु अयोध्या धाम में आ रहे हैं। काशी में  श्री काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो गया है। विन्ध्याचल में मां विन्ध्यवासिनी धाम का निर्माण हो गया है। कुम्भ की परम्परा हजारों वर्षों से चली आ रही, लेकिन दिव्य, भव्य, स्वच्छ व स्मार्ट कुम्भ पहली बार हो रहा है।
पिछली सरकारों ने कुम्भ को भगदड़, अव्यवस्था, अराजकता, गंदगी का पर्याय बना दिया था। इसीलिए दुनिया में एक धारणा बन चुकी थी कि कुम्भ का मतलब गंदगी तथा भगदड़ है। हमने उस धारणा को बदला है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर भारत के प्रत्येक घर में तिरंगा लहराया गया। प्रधानमंत्री जी ने  देशवासियों को पंचप्रण प्रदान किए। उन्होंने कहा कि देश के सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सैनिकों के स्मारकों को  सजाने-संवारने का काम किया था। उनके रंग-रोगन की व्यवस्था की थी यह सभी वह मूल्य और आदर्श हैं, जिनसे अन्य दलों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि हम दल से ऊपर देश को मानने लग जाएंगे। व्यक्ति से ऊपर समाज को मानने लग जाएंगे, तो सार्वजनिक जीवन स्वच्छतापूर्ण तथा राष्ट्र विकास की नई बुलंदियों को छूता हुआ दिखाई देगा। जब हम संकीर्णताओं में पड़कर स्वार्थ में डूबे रहते हैं, तब देश की सुरक्षा में सेंध लगती है। सार्वजनिक जीवन के मूल्य और आदर्श धराशाई होते हुए दिखाई देते हैं। भारतीय जनता पार्टी आज इन सब से उबर कर एक नई प्रेरणा का केन्द्र बिन्दु बनी है, उसके पीछे लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम, अपने संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों के प्रति समर्पण का भाव, सम और विषम परिस्थिति में अपने मूल्यों और आदर्शों के साथ पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का जज्बा है।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री विनोद राय, उपाध्यक्ष श्री रमेश सिंह, वर्ग प्रभारी श्री त्रयम्बक नाथ त्रिपाठी, महानगर अध्यक्ष श्री रमेश प्रताप गुप्त, सांसद श्री रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक श्री विपिन सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-----------