मुख्यमंत्री ने जनपद गौतमबुद्धनगर में 8,200 करोड़ रु0 की
लागत के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लाण्ट का शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत
दुनिया में एक नई उड़ान भरने को तैयार : मुख्यमंत्री

इस प्लाण्ट के माध्यम से 06 गीगावॉट सोलर सेल और
05 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता का लक्ष्य

विकसित भारत का विकसित उ0प्र0 बनाने
में सोलर सेल इण्डस्ट्री का महत्वपूर्ण योगदान

रिन्यूबल और ग्रीन एनर्जी की पूर्ति में इस इण्डस्ट्री की बड़ी भूमिका होगी

यह प्लाण्ट सोलर सेल के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की एक्सपोर्ट
पावर को बढ़ाने में भी एक बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा, इसके माध्यम
से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे

प्रधानमंत्री जी ने इण्टरनेशनल सोलर कन्वेंशन का आयोजन कर
दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया

रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन एनर्जी के लिए अपनायी गयी आक्रामक रणनीति के परिणामस्वरूप प्रदेश 06 लाख से अधिक
 परिवार पी0एम0 सूर्यघर मुफ्त बिजली
योजना के माध्यम से सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता को प्राप्त कर रहे

उ0प्र0 के नागरिक अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर
लगभग 2,000 मेगावॉट से अधिक बिजली उत्पन्न कर रहे, अगले
02-03 वर्षों में 20 हजार मेगावॉट तक के रिन्यूएबल एनर्जी प्राप्त करने का लक्ष्य

वर्तमान में हम 6,000 मेगावॉट से अधिक की रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे

एथेनॉल ब्लेण्डिंग पॉलिसी लागू की गई, इससे प्रदेश सबसे
ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ,
इसने हमारी शुगर इण्डस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया

आज देश में सबसे ज्यादा लगभग 55 प्रतिशत एथेनॉल का उत्पादन उ0प्र0 में हो रहा
 
प्रदेश में सबसे अधिक सी0बी0जी0 प्लाण्ट लगे, अगले
एक वर्ष में 100 सी0बी0जी0 प्लाण्ट प्रदेश में स्थापित करने का लक्ष्य

उ0प्र0 अपने हर इन्वेस्टर पार्टनर को पूरा सम्मान देता, उन्हें प्रोत्साहित
करने के लिए पूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराता, उन्हें हर प्रकार की सुरक्षा प्रदान करता
 
लखनऊ : 27 जून, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत दुनिया में एक नई उड़ान भरने को तैयार है। विगत 12 वर्षों में भारत ने दुनिया में अपनी एक पहचान बनायी है। भारत को विश्व की सबसे तेज गति की अर्थव्यवस्था के रूप में बदलने के साथ ही, डेवलपमेण्ट का सस्टेनेबल मॉडल दिया है। विगत 12 वर्षों में भारत में किए गए प्रयासों के परिणाम सभी को देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद गौतमबुद्धनगर में 8,200 करोड़ रुपये की लागत के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लाण्ट का शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में वैश्विक ऊर्जा के संकट को सभी ने नजदीक से देखा और महसूस किया है। जब दुनिया ने हार्मूज स्ट्रीट के विवाद के बाद अचानक पेट्रोलियम पदार्थों की कमी और उसके कारण उत्पन्न स्थिति को देखा है। दुनिया में महँगाई चरम पर पहुँची। ऊर्जा का यह संकट कभी भी किसी भी देश की प्रगति को बाधा पैदा कर सकता है।
प्रधानमंत्री जी ने आज से 12 वर्ष पूर्व सत्ता सम्भालने के साथ ही, देश में इन सभी समस्याओं के बारे में बारीकी से अध्ययन किया और देश की जनता को इन परिस्थितियों के सम्बन्ध में अवगत कराया था। इसीलिए उन्होंने इण्टरनेशनल सोलर कन्वेंशन का आयोजन कर दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनायी। इसी रणनीति का परिणाम है कि प्रदेश 06 लाख से अधिक परिवार पी0एम0 सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता को प्राप्त कर रहे हैं। इन 06 लाख परिवारों को दिन-रात पर्याप्त बिजली मिल रही है। उनके बिजली के बिल में भी लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक की कमी आयी है।
थर्मल पावर स्टेशन के माध्यम से हमें उन्हें विद्युत सप्लाई करनी होती थी। लेकिन आज उत्तर प्रदेश के नागरिक अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर लगभग 2,000 मेगावॉट से अधिक बिजली उत्पन्न कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने पिछले 09 वर्षों में इस दिशा में बड़े कदम बढ़ाए हैं। हमारा लक्ष्य है कि अगले 02-03 वर्षों में उत्तर प्रदेश 20 हजार मेगावॉट तक के रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य को प्राप्त करे। हम इस दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में हम 6,000 मेगावॉट से अधिक की रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का स्रोत सोलर एनर्जी और पराली है। अन्नदाता किसान पराली के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकते हैं। किसान पराली न जलाएं, उससे पॉल्यूशन न पैदा करें, बल्कि उसे बांध कर उसकी गठरी बना कर सी0बी0जी0 प्लाण्ट तक पहुँचा दें, तो इससे सी0एन0जी0 भी बन सकती है। कम्प्रेस्ड बायोगैस और एथेनॉल का निर्माण भी हो सकता है। उत्तर प्रदेश में एथेनॉल ब्लेण्डिंग पॉलिसी लागू की गई है। इससे प्रदेश सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। इसने हमारी शुगर इण्डस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में जब हम सत्ता में आए थे, तो उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में निराशा और हताशा थी, लोग भयभीत थे। वर्षों से गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पाया था। इण्डस्ट्री भी बंद होने की कगार पर थी। वर्तमान राज्य सरकार ने पिछले 09 वर्षों में गन्ना किसानों का 03 लाख 22 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया है, जिसमें शुगर व एथेनॉल बनाया गया। आज देश में सबसे ज्यादा लगभग 55 प्रतिशत एथेनॉल का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। प्रदेश में सबसे अधिक सी0बी0जी0 प्लाण्ट लगे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम अगले एक वर्ष में 100 सी0बी0जी0 प्लाण्ट प्रदेश में स्थापित करा दें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-8 में सेल इण्डस्ट्रीज ने आज यहाँ पर नई तकनीक के साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लाण्ट के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले सेल इण्डस्ट्रीज का यहाँ निवेश करने का प्रस्ताव आया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिंगल विण्डो सिस्टम की सुविधा है। यहां कोई भी निवेशक  अपना निवेश बिना किसी हस्तक्षेप के कर सकता है। आज श्री सुखबीर सिंह इस नये सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लाण्ट में 8,200 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। इस प्लाण्ट के माध्यम से 06 गीगावॉट सोलर सेल और 05 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता का लक्ष्य है। यह प्लाण्ट सोलर सेल के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की एक्सपोर्ट पावर को बढ़ाने में भी एक बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा।
प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी तक जिन कार्यों के लिए हमें चीन सहित दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब वह टेक्नोलॉजी इसी जेवर में होगी। सेल इण्डस्ट्रीज लिमिटेड इस कार्य को यहीं पर करने जा रही है। इसके माध्यम से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे। एम0एस0एम0ई0, लॉजिस्टिक्स और उसके सहायक उद्योगों के साथ-साथ इंजीनियरों और टेक्निशियंस को भी एक नयी फील्ड में कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। उस दिशा में एक नया प्रयास प्रारम्भ हुआ है। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का भी एक अवसर प्राप्त होने वाला है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 09 वर्ष पूर्व जेवर सिर्फ नाम का जेवर था, लेकिन वास्तव में यहाँ जंगल राज था। यहाँ के लोग मेहनत-मजदूरी करके अपनी आजीविका चला रहे थे। यह क्षेत्र नितान्त उपेक्षित था। अपराध के इस गढ़ में कोई सुनने वाला नहीं था। आज यहाँ भारत का सबसे बड़ा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया है। कॉमर्शियल फ्लाइट शुरू हो गई हैं। गत 15 जून को पहली फ्लाइट में यहाँ के अन्नदाता किसान और स्थानीय विधायक यहाँ से बैठकर सीधे लखनऊ आए थे। किसानों के चेहरे पर खुशी है, तो देश का भविष्य उज्ज्वल है। जिस जेवर में जंगल राज था, आज वह जेवर मंगल ही मंगल कर रहा है। सचमुच भारत की अर्थव्यवस्था का जेवर बन गया और नाम के अनुरूप उसका काम भी शुरू हो गया है। इस क्षेत्र को देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट एवं सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में विकसित करने के लिए 200 एकड़ क्षेत्रफल में कार्य हो रहा है। हम देश में एम्बर ग्रुप और कोरिया के एसेण्ट ग्रुप के साथ मिलकर 6,700 करोड़ रुपये लागत की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग की एक यूनिट के कार्य को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यहाँ फिल्म सिटी, अपैरल सिटी बन रही है। यहाँ पर दुनिया के विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। यह क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी विकसित होने जा रहा है। ईस्टर्न एण्ड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दोनों का जंक्शन भी यही जनपद है। यानी यहाँ विकास की अनन्त सम्भावनाएँ छुपी हुई हैं। उन सम्भावनाओं को एक नई उड़ान देने के लिए आज सेल इण्डस्ट्रीज लिमिटेड सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग के एक हब के रूप में इस क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ी है। उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए चुनने के लिए श्री जसवीर सिंह जी, श्री सुखवीर सिंह और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपने हर इन्वेस्टर पार्टनर को पूरा सम्मान देता है। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए पूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराता है। उन्हें हर प्रकार की सुरक्षा प्रदान करता है। उत्तर प्रदेश में अलग-अलग 36 सेक्टोरल पॉलिसीज हैं। प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का लैण्ड बैंक है। एक्सप्रेस-वे तथा रेलवे का सबसे बेहतरीन नेटवर्क है। बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी है। जहाँ पर कनेक्टिविटी नहीं है, वहाँ विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग कनेक्टिविटी देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने तय किया है कि हर इन्वेस्टर को कनेक्टिविटी दी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विजन को पूरे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने, विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने, युवाओं को रोजगार देने तथा अन्नदाता किसानों के चेहरों पर खुशहाली लाने में जब सभी का सहयोग प्राप्त होता है, तो परिणाम अच्छे आते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सेल इण्डस्ट्रीज एक समय सीमा में इस निवेश को पूरा करते हुए सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग के एक हब के रूप में उत्तर प्रदेश को विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी। विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में सेल सोलर इण्डस्ट्री का महत्वपूर्ण योगदान होगा। रिन्यूबल और ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। इसकी पूर्ति में इस इण्डस्ट्री की बड़ी भूमिका होगी।
इस अवसर पर वित्त और संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, विधायक श्री धीरेन्द्र सिंह, सी0एम0डी0 सेल इण्डस्ट्रीज लि0 श्री जसबीर सिंह, एम0डी0 श्री सुखबीर सिंह, सी0ई0ओ0 श्री लक्षित तांवला, सी0ई0ओ0 यमुना अथॉरिटी श्री आर0के0 सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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