मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना
हरित ऊर्जा क्रांति का अग्रदूत
लखनऊ: 21 जून, 2026
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हुए स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश को ‘‘विंड प्रोक्योरमेंट चैम्पियन’’ सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार प्रदेश की दूरदर्शी ऊर्जा नीति, मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक परिवर्तन की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश आज केवल देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य ही नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने वर्ष 2017 में प्रदेश की बागडोर संभालने के बाद प्रदेश को विकास और सुशासन को नई दिशा दी है। ऊर्जा क्षेत्र को उन्होंने राज्य के विकास का आधार माना और इसी सोच के अनुरूप बिजली उत्पादन, वितरण, आपूर्ति तथा नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर विशेष बल दिया। आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक विद्युत उपभोग करने वाला राज्य बन चुका है। प्रदेश में बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है और सरकार इस बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए पारंपरिक स्रोतों के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा स्रोतों को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है।
‘‘विंड प्रोक्योरमेंट चैम्पियन’’ सम्मान इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। सामान्यतः पवन ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश को प्राकृतिक रूप से अनुकूल राज्य नहीं माना जाता, क्योंकि यहां समुद्री तट या तेज हवाओं वाले क्षेत्र नहीं हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए अन्य राज्यों में स्थापित पवन ऊर्जा परियोजनाओं से दीर्घकालिक अनुबंधों के माध्यम से बड़ी मात्रा में हरित ऊर्जा खरीदने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
उत्तर प्रदेश द्वारा भारतीय सौर ऊर्जा निगम (ैम्ब्प्) तथा पावर ट्रेडिंग कॉर्पाेरेशन (च्ज्ब्) के माध्यम से लगभग 5805 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता का दीर्घकालिक प्रबंध किया है। इनमें से लगभग 1630 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं चालू होकर प्रदेश को हरित ऊर्जा उपलब्ध करा रही हैं। यह उपलब्धि बताती है कि प्रदेश सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री जी की ऊर्जा नीति का मूल उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध, सस्ती और पर्यावरण-अनुकूल बिजली उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किए हैं। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ के क्रियान्वयन में प्रदेश ने देशभर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। लाखों परिवारों के घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिक बिजली उत्पादन में सहभागी बन रहे हैं।
प्रदेश सरकार की नीतियों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में सौर ऊर्जा, बायो ऊर्जा, पवन ऊर्जा तथा अन्य नवीकरणीय स्रोतों के उपयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पवन ऊर्जा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह गर्मियों के दौरान तथा शाम और रात्रि के समय भी उपलब्ध रहती है, जब बिजली की मांग सर्वाधिक होती है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश ने अपनी ऊर्जा रणनीति में पवन ऊर्जा को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। इससे ऊर्जा स्रोतों में विविधता बढ़ रही है और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर एवं विश्वसनीय बन रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक निर्धारित नवीकरणीय ऊर्जा उपभोग दायित्व (त्मदमूंइसम च्नतबींेम व्इसपहंजपवद - त्च्व्) लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा अतिरिक्त 5,000 मेगावाट पवन ऊर्जा खरीदने की कार्ययोजना पर कार्य किया है। यह योजना भविष्य में प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाएगी। योगी सरकार के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों का प्रभाव केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं हैं। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। हरित ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से निवेश आकर्षित हो रहा है, रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं तथा उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध हो रही है। ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती ने उत्तर प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जो विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का सफल प्रयास किया हैं। विकास की गति को बनाए रखते हुए पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना समय की आवश्यकता है। सरकार कीे इसी सोच का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
‘‘विंड प्रोक्योरमेंट चैम्पियन’’ सम्मान यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने तक ही सीमित दृष्टिकोण नहीं अपनाया है, बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा परिवर्तन अभियान में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रहा है। सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद नीति, योजना और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं, इसका उत्कृष्ट उदाहरण उत्तर प्रदेश ने प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पवन ऊर्जा खरीद में देश का अग्रणी राज्य बनना, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करना और भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी हरित ऊर्जा योजनाओं को आगे बढ़ाने सेे उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में भी ऊर्जा परिवर्तन और सतत विकास की दिशा में देश का नेतृत्व करता रहेगा। यह उपलब्धि प्रदेश के उज्ज्वल, स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत आधारशिला है।
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