मुख्यमंत्री जनपद झांसी में 12वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस
पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया

प्रधानमंत्री जी ने भारत की योग परम्परा व विरासत को वैश्विक मान्यता दिलाकर 140 करोड़ भारतवासियों को दुनिया में गौरव के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया : मुख्यमंत्री

इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’

प्रधानमंत्री जी ने हम सभी के समक्ष विकसित भारत की संकल्पना प्रस्तुत
की, इस संकल्पना को साकार करने में योग सहायक साबित हो सकता

स्वस्थ शरीर से ही जीवन के चारों पुरुषार्थों को पूर्ण किया जा सकता

स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार, स्वस्थ शरीर व मस्तिष्क से
युक्त विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता

योग का अत्यधिक प्रचार-प्रसार करें तथा इसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाएं

दुनिया भर के लोगों में योग के प्रति लालसा उत्पन्न हुई, प्रत्येक
व्यक्ति भारत आकर योग कार्यक्रम व स्वास्थ्य परम्पराओं से जुड़ना
चाहता, ताकि वह दुनिया को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित कर सके

लखनऊ : 21 जून, 2026


     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपना 12 वर्षों का कार्यकाल पूर्ण कर देश में सर्वाधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री जी ने भारत की योग परम्परा व विरासत को वैश्विक मान्यता दिलाकर 140 करोड़ भारतवासियों को दुनिया में गौरव के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। प्रधानमंत्री जी ने पहली बार भारत की ट्रेडिशनल मेडिसिन को आयुष मंत्रालय के रूप में मान्यता दी। उन्होंने हम सभी के समक्ष विकसित भारत की संकल्पना प्रस्तुत की है। इस संकल्पना को साकार करने में योग सहायक साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री जी प्रत्येक वर्ष स्वयं अलग-अलग राज्यों में जाकर अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद झांसी में 12वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने योगाभ्यास तथा आयुष विभाग की ई-पत्रिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस वर्ष उन्हें झांसी के इस ऐतिहासिक मैदान में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस वर्ष की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ अर्थात स्वस्थ आयु के लिए योग है। हमारी प्राचीन मान्यता रही है कि ’शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ अर्थात् स्वस्थ शरीर से ही जीवन के चारों पुरुषार्थों को पूर्ण किया जा सकता है। स्वस्थ शरीर व मस्तिष्क से युक्त विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार बन सकता है एक स्वस्थ शिक्षक अपने विद्यार्थियों को संस्कारित करेगा। स्वस्थ किसान कृषि क्षेत्र में ऊंचाईयों को प्राप्त करते हुए, लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। स्वस्थ श्रमिक अपने परिश्रम से निर्माण कार्यों की श्रृंखला खड़ी करेगा। स्वस्थ वैज्ञानिक देश में नए-नए अनुसंधान कर सकेगा। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क रह सकता है, यह हम बचपन से सुनते रहे हैं। स्वस्थ मस्तिष्क होगा, तो स्वस्थ बुद्धि होगी और स्वस्थ बुद्धि से आत्मा स्वस्थ होगी। स्वस्थ आत्मा में ही ईश्वर का वास होता है। हम सब का दायित्व बनता है कि हम योग का अत्यधिक प्रचार-प्रसार करें तथा इसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज दुनिया के लगभग 200 देश अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। दुनिया के लोगों के मन में योग के प्रति लालसा उत्पन्न हुई है। प्रत्येक व्यक्ति भारत आकर योग कार्यक्रम व उन स्वास्थ्य परम्पराओं से जुड़ना चाहता है, जो दुनिया को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित कर सकें। प्रधानमंत्री जी ने भारत के युवाओं के लिए आयुष विधा में नया अवसर प्रस्तुत किया है। इस विधा को हम जितना अधिक उपयोग करेंगे, वह उतना ही हमारे व देश के हित में होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी ऋषि परम्परा ने जो कुछ किया और कहा है, वह अत्यन्त महत्वपूर्ण है। पर्व और त्योहारों का उद्देश्य यही है कि हम प्रकृति के साथ जीना प्रारम्भ करें। प्रकृति के सान्निध्य में रहकर अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएं। 21 जून की तिथि को सूर्य का सान्निध्य लम्बे समय तक प्राप्त होता है। सूर्य जगत पिता कहलाते हैं। जो वनस्पति, व्यक्ति तथा प्राणी सूर्य के जितने अधिक नजदीक होता है, वह उतना ही तेजपूर्ण व क्षमतावान बनता है। सूर्य हम सभी की जीवन्तता का प्रमाण है। हम वर्ष में दो बार जगत जननी मां भगवती दुर्गा के अनुष्ठान का कार्यक्रम करते हैं। पहली बार वासन्तीय नवरात्रि पर, जब ठण्ड धीरे-धीरे कम होने लगती है और गर्मी बढ़ने लगती है। दूसरी बार शारदीय नवरात्रि पर, जब गर्मी धीरे-धीरे कम होने लगती है तथा ठण्ड बढ़ने लगती है। इन दोनों अनुष्ठानों का मध्यकाल ऊर्जा काल होता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर हमें सूर्य से जो ऊर्जा प्राप्त हो रही है, उस ऊर्जा को अपने अंतःकरण में धारण करना चाहिए। भगवान शिव के समय से चली इस योग परम्परा को योगियों, ऋषि-मुनियों ने अलग-अलग कालखण्ड में पूरी दुनिया तक विस्तारित किया। एक समय था, जब हमने इस परम्परा को विस्मृत कर दिया था। हम अपनी इस विरासत पर प्रधानमंत्री जी के कारण पुनः गौरव की अनुभूति कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी ऋषि परम्परा कहती है कि ‘पृथिव्यप्तेजोऽनिलखे समुत्थिते पञ्चात्मके योगगुणे प्रवृत्ते, न तस्य रोगो, न जरा, न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम् अर्थात् जब साधक का ध्यानयोग के माध्यम से पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश, इन पाँचों तत्वों पर पूर्ण अधिकार हो जाता है और जब योगाभ्यास की अग्नि से उसका शरीर तप जाता है, तब उस योगी के लिए न कोई रोग, न बुढ़ापा, न ही मृत्यु का भय शेष रहता है। यदि इन तीनों से बचना है, तो योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज लखनऊ में स्थित जन भवन में राज्यपाल जी इस कार्यक्रम को नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज, उप मुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक लखनऊ, वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना शाहजहांपुर, कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही देवरिया सहित अन्य मन्त्रिगण, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अलग-अलग जनपदों में इस कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। प्रदेश की सभी 57,000 ग्राम पंचायतों, 825 विकास खण्ड मुख्यालयों, 350 तहसीलों और 762 नगर निकायों में यह आयोजन पूरी भव्यता व दिव्यता के साथ आयोजित हो रहा है।
कार्यक्रम को आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति श्री कुंवर मानवेन्द्र सिंह, सांसद श्री अनुराग शर्मा, विधान परिषद सदस्य श्रीमती रमा निरंजन, श्री रामतीर्थ सिंघल, विधायक श्री रवि शर्मा, श्री जवाहर लाल राजपूत, श्री राजीव सिंह पारीछा, डॉ0 रश्मि आर्य, झांसी के महापौर श्री बिहारी लाल आर्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।