संविधान हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है, इसकी रक्षा करना हम सभी का दायित्व है-श्री केशव प्रसाद मौर्य

आपातकाल जैसे काले अध्याय की पुनरावृत्ति कभी नहीं होने देंगे
-उप मुख्यमंत्री
संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्रहित के लिए सरकार समर्पित भाव से कार्य कर रही

लखनऊ: 25 जून, 2026


उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर कहा कि 25 जून, 1975 की मध्य रात्रि को देश पर आपातकाल थोप दिया गया था, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है। उस दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को प्रभावित किया गया और असहमति की आवाजों को दबाने का कार्य किया गया।
श्री मौर्य ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है, जो प्रत्येक नागरिक को अधिकार, समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने की गारंटी देता है। संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने इसे देश की जनता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बनाया था, लेकिन आपातकाल के दौरान इसी संविधान का सहारा लेकर जनता के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के काले दिनों को देश कभी नहीं भूल सकता। लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का त्याग, साहस और समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी लोकतंत्र सेनानियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन सरकार ने सत्ता के अहंकार में देश पर आपातकाल लगाया और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार किया। प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया और हजारों लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में बंद किया गया। संविधान हत्या दिवस हमें उस दौर की याद दिलाता है और लोकतंत्र की मजबूती के लिए सतर्क रहने की प्रेरणा देता है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संविधान की भावना के अनुरूप कार्य कर रही है। वर्ष 2017 से उत्तर प्रदेश में चल रही डबल इंजन की सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की गरिमा को सर्वाेच्च स्थान प्राप्त हो। आपातकाल जैसे दिन देश और प्रदेश में दोबारा नहीं आने दिए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प में हर युवा के लिए अवसर, हर गरीब के लिए सम्मानजनक जीवन और प्रत्येक नागरिक के लिए विकास की समान भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा दिए गए संविधान की शक्ति से आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।
श्री मौर्य ने कहा कि जनता से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती। हमारा संविधान ही वह शक्ति देता है, जिसके माध्यम से देश का प्रत्येक नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर ग्राम प्रधान, नगर निकाय प्रतिनिधि, विधायक और सांसद का चुनाव करता है। लोकतंत्र की यही ताकत भारत को विश्व में विशिष्ट स्थान प्रदान करती है।