बच्चों को बचपन से दें आध्यात्मिक शिक्षा

- डाॅ भारती गाँधी, संस्थापिका निदेशिका, सिटी मोन्टेसरी स्कूल

 

लखनऊ, 22 जून। ‘‘अपने आराध्य की पूजा करना बच्चों को बचपन से सिखाना चाहिए ताकि वे अपने जीवन में किसी भी कठिनाई में पड़े तो मन शान्त रखकर उसका समाधान ढूढें। ऐसा तभी सम्भव है जब हम उसे आध्यात्मिक शिक्षा देते हैं। ईश्वर की पूजा का अर्थ है उनके द्वारा भेजे गये अवतारों द्वारा दी गयी शिक्षाओं को जानना व उस पर चलना है।’’ सिटी मोन्टेसरी स्कूल के प्रधान कार्यालय में आयोजित आध्यात्मिक सत्संग का संचालन करते हुए डाॅ भारती गाँधी, संस्थापिका निदेशिका, सिटी मोन्टेसरी स्कूल ने कहा। सत्संग सभा में श्री महेश अग्रवाल, श्रीमती वैशाली शुक्ला सहित 65 गणमान्य लोग उपस्थित थे। 

सत्संग में बोलते हुए डाॅ भारती गाँधी ने कहा कि हमें अपने बच्चों को ईश्वर के प्रति आस्थावान बनाना है ताकि वह सच्चाई व ईमानदारी की राह पर चले। आज सारे विश्व में युद्ध चल रहे हैं। युद्ध की वजह से भारी जन धन हानि हो रही है। ऐसे में किसी एक को आगे आकर एक विश्व सरकार बनानी चाहिए ताकि दुनिया के सारे देशों को अपने उपर हो रहे हमले एवं आपसी विवादों का शान्तिपूर्ण हल निकाल सके। सभा में उपस्थित एक सीएमएस छात्र ने बताया कि विश्व सरकार बनाने का प्रयास स्कूली स्तर से होना चाहिए ताकि बच्चा जब पढ़ाई पूरी करके जाये तो उसे विश्व में हो रही अशान्ति को दूर करने के लिए विश्व सरकार के प्रति सोचे और उसके गठन का प्रयास करे।

डाॅ. भारती गाँधी ने कहा शांति स्थापना तभी सम्भव है जब विश्व सरकार बने और प्रत्येक बच्चा उसके प्रति प्रयासरत रहे। देश में जो भेदभाव और लैगिंक असमानता बढ रही है उसको कम करके विश्व में स्थायी शांति की स्थापना की जा सकती है।  आपसी सहयोग और भाईचारे के द्वारा देशों के बीच हो रहे युद्धों का शांतिपूर्ण समाधान संभव है। सभा एक मधुर भजन ‘‘आज विश्व को नये विचार चाहिए ...’’ व प्रसाद वितरण के साथ सत्संग सभा सम्पन्न हुई।