मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 डेटा सेण्टर नीति-2021 की समीक्षा की

निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक आकर्षक, व्यावहारिक और समयानुकूल नई नीति तैयार करने के निर्देश

डेटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अवसंरचना भविष्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार : मुख्यमंत्री

वर्ष 2030 तक उ0प्र0 में 02 गीगावॉट से अधिक की अतिरिक्त डेटा सेण्टर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य

डेटा सेण्टर नीति-2021 के तहत अब तक 21342.90 करोड़ रु0 के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत

प्रदेश में 06 डेटा सेण्टर पार्क और 02 डेटा सेण्टर इकाइयां संचालित

प्रस्तावित नीति में ए0आई0 आधारित, ऊर्जा दक्ष एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रीन डेटा सेण्टर, विश्वस्तरीय डिजिटल अवसंरचना, त्वरित अनुमोदन प्रणाली, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा बेहतर कनेक्टिविटी जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाए
 
भूमि, पूंजी और ऋण सम्बन्धी अनुदानों के साथ-साथ स्टाम्प शुल्क, विद्युत शुल्क तथा ट्रांसमिशन एवं व्हीलिंग शुल्क में दी जाने वाली रियायतों को और अधिक प्रभावी बनाएं

ए0आई0 आधारित उच्च क्षमता वाली कम्प्यूटिंग अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन व्यवस्था विकसित की जाए
 
उच्च स्तर का ग्रीन डेटा सेण्टर प्रमाणन प्राप्त करने वाली इकाइयों और पार्कों को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाए

डेटा सेण्टर विकास को केवल एन0सी0आर0 तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, प्रदेश के अन्य उपयुक्त शहरों और क्षेत्रों में डेटा सेण्टर क्लस्टर विकसित किए जाएं

लखनऊ : 07 जून, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि डेटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए0आई0) और डिजिटल अवसंरचना भविष्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए अभी से ठोस तैयारी करनी होगी। वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश में 02 गीगावॉट से अधिक की अतिरिक्त डेटा सेण्टर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां उत्तर प्रदेश डेटा सेण्टर नीति-2021 की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक आकर्षक, व्यावहारिक और समयानुकूल नई नीति तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित नीति में ए0आई0 आधारित, ऊर्जा दक्ष एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रीन डेटा सेण्टर, विश्वस्तरीय डिजिटल अवसंरचना, त्वरित अनुमोदन प्रणाली, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा बेहतर कनेक्टिविटी जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उत्तर प्रदेश देश में डेटा सेण्टर के क्षेत्र में निवेश का सबसे पसंदीदा केन्द्र बन सके।
मुख्यमंत्री जी को प्रमुख सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने अवगत कराया कि वर्ष 2026 तक देश की कुल डेटा सेण्टर क्षमता में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 08 से 09 प्रतिशत रहने का अनुमान है। डेटा सेण्टर नीति-2021 के तहत 900 मेगावॉट क्षमता विकसित करने तथा 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष अब तक 21342.90 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत करते हुए निवेशकों को लेटर ऑफ कम्फर्ट भी जारी किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 06 डेटा सेण्टर पार्क और 02 डेटा सेण्टर इकाइयां संचालित हैं। 644 मेगावॉट की प्रतिबद्ध क्षमता पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री जी ने प्रस्तावित डेटा सेण्टर नीति के विभिन्न प्राविधानों पर चर्चा करते हुए कहा कि भूमि, पूंजी और ऋण सम्बन्धी अनुदानों के साथ-साथ स्टाम्प शुल्क, विद्युत शुल्क तथा ट्रांसमिशन एवं व्हीलिंग शुल्क में दी जाने वाली रियायतों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने ए0आई0 आधारित उच्च क्षमता वाली कम्प्यूटिंग अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप उन्नत ए0आई0 कम्प्यूट संसाधन स्थापित करने वाले डेटा सेण्टर पार्कों को अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। इससे प्रदेश में ए0आई0 आधारित डिजिटल अवसंरचना के विकास को बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री जी ने डेटा सेण्टर क्षेत्र में हरित और टिकाऊ विकास को विशेष महत्व देते हुए कहा कि उच्च स्तर का ग्रीन डेटा सेण्टर प्रमाणन प्राप्त करने वाली इकाइयों और पार्कों को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी को प्रदेश में संचालित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि हीरानंदानी समूह, एन0टी0टी0 ग्लोबल डेटा सेण्टर्स, अडानी समूह, एस0टी0 टेलीमीडिया, एस0के0वी0आर0 सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस, वेब वर्क्स तथा सिफी सहित कई प्रमुख कम्पनियों की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में बड़े स्तर पर डिजिटल अवसंरचना का विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने सम्भावित निवेश प्रस्तावों की भी समीक्षा की। उन्हें अवगत कराया गया कि विभिन्न राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय निवेशकों ने प्रदेश में कुल 5,410 मेगावॉट क्षमता के डेटा सेण्टर विकसित करने में रुचि दिखाई है। इन परियोजनाओं में लगभग 4.90 लाख करोड़ रुपये के सम्भावित निवेश का अनुमान है। प्रस्तावित निवेशों में ए0एम0 ग्रीन, ट्राइफैक्टा कॉनेक्स, एस्सार, ग्रू एनर्जी, गोल्डन स्टेट कैपिटल, मैपलेट्री, सी0टी0आर0एल0-एस0, एन0एक्स्ट्रा सहित अन्य प्रमुख निवेशकों की परियोजनाएं शामिल हैं। इनके लिए नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और सीतापुर समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सम्भावनाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डेटा सेण्टर विकास को केवल एन0सी0आर0 तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। प्रदेश के अन्य उपयुक्त शहरों और क्षेत्रों में भी डेटा सेण्टर क्लस्टर विकसित किए जाएं, ताकि डिजिटल निवेश और रोजगार के अवसरों का लाभ प्रदेश के अधिकाधिक हिस्सों तक पहुंच सके।
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