बाढ़ सुरक्षा एवं नालों की सफाई में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी-स्वतंत्र देव सिंह
अधूरे कार्य अगले एक सप्ताह में दिन-रात अभियान चलाकर
पूरे कराएं अधिकारी
जनहित सर्वाेपरि, प्रत्येक परियोजना की गुणवत्ता एवं
समयबद्धता सुनिश्चित की जाए
लखनऊ: 30 जून, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में प्रदेश की बाढ़ सुरक्षात्मक परियोजनाओं तथा जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संचालित नालों की सफाई के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं ने प्रस्तुतिकरण एवं वीडियो के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित कार्यों की प्रगति से मंत्री जी को अवगत कराया।
समीक्षा के दौरान जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बाढ़ से बचाव के लिए संचालित प्रत्येक परियोजना निर्धारित समयसीमा एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि वर्षा के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव अथवा बाढ़ जैसी परिस्थितियों से आमजन को न्यूनतम कठिनाई हो और इसके लिए विभागीय अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश की अधिकांश बाढ़ सुरक्षात्मक परियोजनाओं के कार्य पूर्ण अथवा सुरक्षित स्तर तक पूर्ण किए जा चुके हैं। साथ ही, 30 जून तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नालों की सफाई का कार्य भी अधिकांश क्षेत्रों में पूरा कर लिया गया है। इस पर जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि जहां कार्य समय से पूरे हुए हैं, वहां उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए ताकि वर्षा के दौरान उनका प्रभावी परिणाम दिखाई दे।
श्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं अथवा नालों की सफाई के कार्य अभी शेष हैं, उन्हें अगले एक सप्ताह के भीतर युद्धस्तर पर दिन-रात अभियान चलाकर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की नियमित निगरानी करें।
जलशक्ति मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्य अभियंता अपने क्षेत्र में कराए गए उत्कृष्ट, नवाचारपूर्ण एवं जनहितकारी कार्यों का विस्तृत संकलन तैयार कर विभागीय मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाया जा सके और विभाग की सकारात्मक उपलब्धियों से जनता को अवगत कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बाढ़ प्रबंधन एवं जल संसाधनों के सुदृढ़ विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभाग का प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि सभी बाढ़ सुरक्षा तटबंध, सुरक्षात्मक संरचनाएं एवं जल निकासी व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से कार्यशील रहें, जिससे वर्षाकाल में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संभावित समस्या की सूचना मिलते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग श्री अनिल गर्ग, विभागाध्यक्ष श्री संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता श्री ए०के० सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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