मादक पदार्थों का दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अन्तर्राष्ट्रीय दिवस पर राज्य स्तरीय मद्य निषेध कार्यक्रम आयोजित

आबकारी मंत्री ने किया राज्य स्तरीय मद्य निषेध कार्यक्रम का शुभारंभ, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर जताई गहरी चिंता

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी, युवा नशे से रहे दूर

नशे की आदत पूरी दुनिया के लिए बना चौलेंज और समाज के लिए है अभिशाप
- आबकारी मंत्री श्री नितिन अग्रवाल

नशा मुक्ति प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को आबकारी मंत्री ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

लखनऊ: 26 जून, 2026

मद्य निषेध विभाग, उ०प्र० द्वारा चौधरी चरण सिंह सभागार सहकारिता भवन, लखनऊ में शुक्रवार को श्मादक पदार्थों का दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अन्तर्राष्ट्रीय दिवसश् के अवसर पर ’नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की नेशनल एक्शन प्लान फार ड्रग डिमांड रिडक्शनयोजनांतर्गत नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जन जागरुकता हेतु मद्य निषेध प्रदर्शनी, संगोष्ठी सहित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नितिन अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्री अनुराग यादव उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम आबकारी मंत्री एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा मद्य निषेध प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया गया। तत्पश्चात मंत्री जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा से दूर रहने तथा आमजनमानस को इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आबकारी मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने 15 अगस्त, 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य लोगों को खासतौर से युवाओं को नशे से दूर रखना था। माननीय प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसमें युवाओं की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हमारा देश दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राष्ट्र है। हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि युवाओं को नशे की आदत से बचाए और उनकी असीम ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र के विकास में लगाए। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसिया लगातार प्रयास कर रही है। युवाओं में नशा के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों व सिविल सोसाइटी को मद्य निषेध विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय सहयोग कर लोगो को जागरूक करने का कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी प्रदेशवासियों को नशा से दूर रहने की अपील की है। आज प्रदेश 11.5 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा और देश की जीडीपी में 9.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि नशे की लत पूरी दुनिया के लिए आज एक चौलेंज बन चुका है, नशे की आदत समाज के लिए अभिशाप बन गया है।
उन्होंने प्रदेश के युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिन्ता व्यक्त की और आम जनमानस के साथ युवाओं को इससे दूर रहने की अपील की।
प्रमुख सचिव श्री अनुराग यादव ने नशीले पदार्थों की बढ़ती प्रवृति पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि आज नशा मुक्त भारत अभियान, विकसित भारत की पहचान की मुहिम को गति प्रदान करने की आवश्यकता है। केवल शासकीय प्रयासों से ही यह सम्भव नहीं होगा। इस कार्य में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
बलरामपुर चिकित्सालय के मानसिक रोग विशेषज्ञ डा0 पीके श्रीवास्तव ने विभिन्न मादक पदार्थों के दुरूपयोग के मनोसामाजिक कारणों पर व्यापक प्रकाश डालते हुए उससे बचने के तरीकों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन श्री शशांक वर्मा, द्वारा किया गया।
 कार्यक्रम में मद्य निषेध विभाग द्वारा 19 जून को आयोजित प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को मंत्री जी व अन्य अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में राज्य मद्य निषेध अधिकारी श्री आर0 एल0 राजवंशी द्वारा विभाग की उपलब्धियों के साथ मद्य निषेध कार्यक्रमों तथा नशामुक्त भारत अभियान के संदर्भ में अवगत कराया गया।
 कार्यक्रम में क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी लखनऊ श्री रमेश कुमार, जिला मद्य निषेध अधिकारी श्रीमती नीतू वर्मा,श्री विमल कुमार, श्री बृजमोहन, श्री श्रीकांत सिंह व श्री संकटा प्रसाद उपस्थित रहे।