भिक्कावाला में उत्तराखंड सीमावर्ती संघर्ष समिति की खुली बैठक संपन्न, क्षेत्रीय समस्याओं एवं भविष्य की रणनीति पर हुई चर्चा


भिक्कावाला, 14 जुलाई।


उत्तराखंड सीमावर्ती संघर्ष समिति की एक खुली बैठक ग्राम भिक्कावाला में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, पूर्व सैनिकों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं, विकास कार्यों तथा भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।


बैठक के दौरान उपस्थित वक्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, रोजगार, कृषि तथा अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांवों को उत्तराखंड में शामिल किए जाने की मांग से जुड़े ऐतिहासिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।


समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल सीमाओं का नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, पहचान और जनहित का विषय है। इस संबंध में स्थानीय जनता की राय को सर्वोच्च महत्व दिया जाएगा तथा जनजागरण और जनमत संग्रह के माध्यम से लोगों की भावनाओं को एकत्रित किया जाएगा।


बैठक में उपस्थित लोगों ने क्षेत्र के विकास एवं समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही भविष्य में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन से जोड़ने का निर्णय भी लिया गया।


समिति ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा जनभावनाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।


जारीकर्ता:

उत्तराखंड सीमावर्ती संघर्ष समिति

भिक्कावाला, जनपद बिजनौर (उ.प्र.)


जय बद्री विशाल