तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए
लखनऊ : 23 जून, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के विभागों के कार्यां की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मौसम की अनिश्चितता और वर्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए प्रदेश को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार है। ऐसे में किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई हेतु जल, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण तथा वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और सम्बन्धित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि खरीफ-2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में 106.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी। इस वर्ष धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन तथा कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई तथा 4.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान नर्सरी का आच्छादन हो चुका है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए किसानों को समय पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
सम्भावित अल्पवृष्टि अथवा सूखे की स्थिति के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न परिस्थितियों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है। आवश्यकता पड़ने पर उड़द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा। किसानों को संदेश सेवा, आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा अन्य माध्यमों से कृषि सम्बन्धी तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम कवरेज तथा अधिकाधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बीज उपलब्धता की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि खरीफ-2026 में अनुदान पर बीज वितरण का लक्ष्य 2.29 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 1.77 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध है तथा 1.12 लाख क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रहे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने इनकी समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जाए तथा कृत्रिम कमी अथवा कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर कठोर कार्यवाही की जाए।
उद्यान विभाग की समीक्षा में बताया गया कि सूखा प्रबन्धन की रणनीति के तहत 125 हाईटेक नर्सरियों के माध्यम से 15 करोड़ सब्जी पौध उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने सिंचाई तथा लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि नहर प्रणाली का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और अन्तिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाया जाए। प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर सिंचाई संसाधनों तथा कृषि आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग में पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान सम्भावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारे, पानी और चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारा भण्डारण तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। भूसा संग्रहण अभियान के अन्तर्गत 131.40 लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 136.01 लाख क्विंटल भूसा संग्रहीत किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान निरन्तर संचालित हैं तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के माध्यम से 24 घण्टे सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने पंचायती राज विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों के संरक्षण, हैण्डपम्पों के अनुरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए। जल संरक्षण को जन आन्दोलन का स्वरूप देते हुए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
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