हरित संपदा की सुरक्षा को लेकर समाज कल्याण विभाग की नई पहल....
सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ की होगी डिजिटल पहचान, संरक्षण और निगरानी होगी आसान
- वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था शुरू, पेड़ों को मिलेगा यूनिक नंबर, बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
लखनऊ, 14 जून 2026: समाज कल्याण विभाग ने अपने सभी जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और अन्य संस्थानों में पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए “वृक्ष परिसम्पत्ति प्रबंधन व्यवस्था” लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रत्येक पेड़ को एक यूनिक नंबर दिया जाएगा, जिससे उसकी पहचान और देखरेख आसान हो सकेगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्री अनुराग यादव ने निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
हर पेड़ का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत सभी संस्थानों में मौजूद पेड़ों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। हर पेड़ को एक विशेष पहचान संख्या दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक पेड़ की प्रजाति, स्थान, अनुमानित आयु और वर्तमान स्थिति का विवरण “वृक्ष परिसम्पत्ति पंजिका” में दर्ज किया जाएगा। सभी पेड़ों की फोटो लेकर उनका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा, जिससे उनकी निगरानी की जा सके।
पेड़ों को माना जाएगा संस्थान की संपत्ति
सभी पेड़ों को संस्थान की परिसंपत्ति माना जाएगा। अब किसी भी पेड़ की कटाई या बड़े स्तर पर छंटाई बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकेगी। हर वर्ष पेड़ों का सत्यापन कराया जाएगा।
"हरित धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम"
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने बताया कि पेड़ हमारी अमूल्य धरोहर हैं। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ये ठोस कदम है। हमारा प्रयास है कि विभागीय संस्थान न केवल शिक्षा और सामाजिक विकास के केंद्र बनें, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के भी आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हों।

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