मुख्यमंत्री ने ‘त्रिवेणी’ (सुशासन, संस्कृति, समृद्धि) कार्यक्रम में सोशल मीडिया एन्फ्लुएंसर्स की जिज्ञासाओं का समाधान किया

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी एक विजन, यह देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक : मुख्यमंत्री

प्रदेश में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हुए युवाओं, महिलाओं, किसानों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों, उद्यमियों, व्यापारियों तथा निवेशकों के हित में कार्य किए गए

‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई
 
एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स को पुनर्जीवित कर मजबूत बनाया गया, इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई

कृषि विकास दर को 08 फीसदी से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने में सफलता मिली

03 लाख 22 हजार करोड़ रु0 डी0बी0टी0 के माध्यम से गन्ना किसानों के खातों में भेजे गये

उ0प्र0, देश का पहला राज्य, जिसने सरकार के स्तर पर टेक होम राशन प्लाण्ट स्थापित किए और इनका संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा

झाँसी में बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी से 62,000 महिलाएँ जुड़कर कार्य कर रहीं, इसी तर्ज पर आगरा, वाराणसी, गोरखपुर में नयी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनियाँ स्थापित

विगत 09 वर्षां में 09 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी प्रदान की, विमेन वर्कफोर्स 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हुआ

प्रदेश का युवा सकारात्मक भाव से आगे बढ़ते हुए अपना स्टार्ट-अप तथा उद्यम स्थापित कर रहा और प्रत्येक क्षेत्र में कुछ नवीन कर रहा

वर्ष 2026-27 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 50 लाख करोड़ रु0 तक पहुँचाने में सफल हो जाएंगे, वर्ष 2029-30 तक उ0प्र0 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी होगा

देश में सर्वाधिक निवेश यू0पी0 में आ रहा, इन्फ्रास्ट्रक्चर के बड़े-बड़े कार्य हुए

आज भारत के सबसे बड़े नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट से कॉमर्शियल फ्लाइट का संचालन प्रारम्भ हुआ, जिन किसानों से भूमि ली गई थी, उन्हें पहली फ्लाइट से लखनऊ लाकर सम्मानित किया गया

अयोध्या स्प्रिचुअल टूरिज्म के ग्लोबल हब के रूप में उभरी


लखनऊ : 15 जून, 2026


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी एक विजन है, जो देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। यह कार्य केवल सरकार के स्तर से ही सम्भव नहीं है, बल्कि एक जन-आन्दोलन के रूप में समाज के सभी पक्ष मिलकर ही इसे सफल बना सकते हैं। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश के लिए वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी एक सपना थी। आज यह हकीकत बन रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ आयोजित ‘त्रिवेणी’ (सुशासन, संस्कृति, समृद्धि) कार्यक्रम में सोशल मीडिया एन्फ्लुएंसर्स की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत 09 वर्षों में हमारी सरकार ने प्रदेश की इकोनॉमी को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश की जी0डी0पी0 मात्र 12 लाख करोड़ रुपये थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। पूर्व में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 43,000 रुपये थी, मार्च, 2026 तक यह बढ़कर 01 लाख 29 हजार रुपये से अधिक हो गयी है। इस परिवर्तन के लिए सरकार द्वारा अनेक कदम उठाये गए।
प्रदेश में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हुए प्रत्येक क्षेत्र में जन-आन्दोलन के रूप में प्रोत्साहित किया गया। युवाओं, महिलाओं, किसानों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों, उद्यमियों, व्यापारियों तथा निवेशकों के हित में कार्य किए गए। शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कार्य किए गए। परम्परागत उद्यमों को प्रोत्साहित किया गया। इसके लिए 24 जनवरी, 2018 को उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना लॉन्च की गयी थी। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदों के यूनिक प्रोडक्ट का चयन करते हुए उन्हें डिजाइन, तकनीक, पैकेजिंग तथा मार्केट से जोड़ा गया। उत्तर प्रदेश 02 लाख करोड़ रुपये का निर्यात कर रहा है। इसमें एक जनपद एक उत्पाद योजना की बड़ी भूमिका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 03 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रदेश की एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स से जोड़ा गया है। प्रदेश में परम्परागत उद्यमों का एक बड़ा बेस मौजूद है। साथ ही, प्रदेश में खेती-बाड़ी के लिए अच्छी भूमि भी है। हमने एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स को पुनर्जीवित किया, इन्हें मजबूत बनाया। हर किसान किसी न किसी एम0एस0एम0ई0 यूनिट से जुड़ा हुआ है। इनके माध्यम से किसानों के पास अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसर बढ़े। इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ हुई। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स वर्तमान में संचालित हैं।
वर्ष 2019 में प्रदेश के हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना प्रारम्भ की गयी। इसके अन्तर्गत हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उन्हें टूलकिट तथा सस्ते में ऋण उपलब्ध कराये गये। पहले राजमिस्त्री, हलवाई, नाई, मोची, विश्वकर्मा, सोनार आदि विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों को सरकार की तरफ से कोई प्रोत्साहन नहीं मिलता था। राज्य सरकार ने इनके लिए एक नीति बनायी। जिसके तहत इन्हें विभिन्न प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया, सस्ता ऋण उपलब्ध कराया। आज यह बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास सबसे ऊर्वरा भूमि तथा सबसे अच्छा जल संसाधन उपलब्ध है। हमने किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की। कृषि विकास दर को 08 फीसदी से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने में हमें सफलता प्राप्त हुई। किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना एम0एस0पी0 दिया जा रहा है। गन्ना किसानों को मिलने वाले 300 रुपये प्रति कुन्तल गन्ना मूल्य को बढ़ाकर 400 रुपये प्रति कुन्तल किया गया है। 03 लाख 22 हजार करोड़ रुपये डी0बी0टी0 के माध्यम से गन्ना किसानों के खातों में भेजे गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब किसानों से उनकी उपज सरकार द्वारा सीधे क्रय की जाती है, इसमें कोई बिचौलिया नहीं होता। हमने मण्डी का उन्नयन करते हुए किसानों को इनसे जोड़ा है। किसानों के लिए सिंचाई, बिजली, सुरक्षा तथा मार्केट जैसी सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। पहले प्रदेश में किसान आत्महत्या करते थे। आज कोई किसान आत्महत्या नहीं करता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले युवाओं के लिए राज्य में नौकरी और रोजगार मिलना एक सपना था। हमने विगत 09 वर्षां में 09 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी प्रदान की है। वर्ष 2017 से लगातार हर भर्ती प्रक्रिया की वह स्वयं मॉनीटरिंग करते हैं। परिणाम आने के बाद अपने हाथों से नौजवानों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान करते हैं। युवाओं को नौकरी भी मिली है और स्वयं का स्टार्ट-अप स्थापित करने का अवसर भी मिला है। महिला उद्यमियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिला है। प्रदेश का विमेन वर्कफोर्स 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 के पूर्व प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट था। प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा अच्छी नहीं थी। यहाँ विकास के बारे में कोई सोच नहीं थी। भ्रष्टाचार चरम पर था। उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बन गया था। लोगों का मानना था कि देश इसलिए विकास नहीं कर सकता, क्योंकि सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य कुछ करना नहीं चाहता। इसका दुष्परिणाम सबसे अधिक प्रदेश के युवाओं ने भुगता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने इस पूरे परिदृश्य को बदलने का संकल्प लिया। युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा पर हमें सन्देह नहीं है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश के युवाओं के जीवन में परिवर्तन लाने एवं उन्हें उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ किए हैं। आज प्रदेश का युवा पहचान के संकट से उबरा है। प्रदेश में वर्तमान में नौकरी व रोजगार की कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के 02 करोड़ युवाओं को डिजिटली सक्षम बनाने के लिए टैबलेट/स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्किल डेवलपमेण्ट के अभियान को आगे बढ़ाया गया है। युवाओं को नौकरी व रोजगार प्रदान करने तथा उनमें आत्मविश्वास जगाने का कार्य किया जा रहा है। युवाओं को अपने लक्ष्य पता होना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए जीवन में आत्म-अनुशासन का भाव होना चाहिए। इससे युवाओं में आत्मविश्वास आएगा। जब युवाओं में आत्मविश्वास होगा, तो दूसरे लोग भी उन पर विश्वास करेंगे। आज उत्तर प्रदेश का युवा सकारात्मक भाव से आगे बढ़ते हुए अपना स्टार्ट-अप तथा उद्यम स्थापित कर रहा है और प्रत्येक क्षेत्र में कुछ नवीन कर रहा है। डिजिटल युग में जो भी युवा कुछ अच्छा करेगा, उसके कार्य को पहचान व सम्मान मिलने में देर नहीं लगेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वास और धैर्य नहीं खोना चाहिए। आलोचना जीवन का हिस्सा है। सकारात्मक भाव से की गई आलोचना हमें सीखने की एक प्रेरणा देती है। यह हमें सचेत भी करती है। आप आगे बढ़ते जाइए, सफलता जरूर मिलेगी। आज युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। कार्य करने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। सरकार, युवा और समाज का हर तबका यदि सकारात्मक भाव से आगे बढ़े, तो परिवर्तन लाया जा सकता है। युवा इसके वाहक होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के उन्नयन के लिए कार्य किए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की स्थापना की गई। बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की गई। 01 लाख 56 हजार विद्यालयों में 03 वर्षों में सभी सुविधाएँ उपलब्ध करायी गईं। इससे विद्यालयों में ड्रॉप आउट रेट कम हुआ है। विद्यालयों में नामांकन में बहुत वृद्धि हुई है। शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत किया गया। शिक्षकों के सम्मान के लिए कार्य किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य बिना सुरक्षा के सम्भव नहीं है। हमने प्रदेश में सुरक्षा का एक मॉडल दिया। आज प्रदेश में निवेश हो रहा है, उद्यम व कृषि जैसे क्षेत्र आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में एक समृद्ध बाजार उपलब्ध है। हमारे यहाँ प्रतिभाशाली युवा हैं। यहाँ के हस्तशिल्पी और कारीगर भी प्रदेश की उन्नति में अपना योगदान दे रहे हैं। इन सभी के समन्वित प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता मिली है। इन 09 वर्षों में 03 वर्ष कोविड महामारी का सफलतापूर्वक सामना भी किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026-27 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 50 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने में सफल हो जाएंगे। वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी होगा। यह केवल एक लक्ष्य नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन को समृद्ध और खुशहाल बनाने का एक तरीका भी है। यह उत्तर प्रदेश की नयी ताकत है। हर तबके के जीवन में परिवर्तन हुआ है। प्रदेश के 25 करोड़ निवासियों के जीवन में परिवर्तन के लिए कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की परम्परा में महिलाओं को परिवार की गृहलक्ष्मी के रूप में मान्यता दी गई है। हमने आंगनवाड़ी केन्द्रों में धात्री महिलाओं व बच्चों को समय पर व गुणवत्तापूर्ण पोषाहार दिया जाना सुनिश्चित किया। उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जिसने सरकार के स्तर पर टेक होम राशन प्लाण्ट स्थापित किए और इनका संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा। 4,000 ऐसे समूह हैं, जिनमें प्रत्येक में 12 से 15 सदस्य हैं। प्रदेश में 204 टेक होम राशन प्लाण्ट संचालित हैं। यह भारत सरकार द्वारा निर्धारित रेसिपी तैयार करते हैं और आंगनवाड़ी केन्द्रों में इसकी आपूर्ति की जाती है। आज इनमें किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि झाँसी में बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही है। यहाँ 62,000 महिलाएँ इस समूह से जुड़कर कार्य कर रही हैं। यह एक सफल मॉडल के रूप में सबके सामने है। इनका नेट प्रॉफिट 115 करोड़ रुपये है। इस समूह से बुन्देलखण्ड के सभी 07 जनपद आच्छादित हैं। इसी तर्ज पर आगरा, वाराणसी, गोरखपुर में नयी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनियाँ स्थापित की गई हैं। यह सभी बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं। महिलाएँ घर-गृहस्थी का संचालन करने के साथ ही, सफल उद्यमी व अर्थशास्त्री बन सकती हैं तथा समाज की इकोनॉमी को मजबूती प्रदान कर सकती हैं। यह सभी कार्य इनका एक उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री जी ने सिद्धार्थनगर जनपद की एक महिला के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि आज सरकार की योजनाओं के माध्यम से वह एक सफल उद्यमी बनी है। इन्हें मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत मछली पालन हेतु तालाब खुदवाने तथा मछलियों के बीज उपलब्ध कराने के लिए 02 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। इससे उस महिला ने 02 वर्ष में 06 लाख रुपये की आय अर्जित की। आगे चलकर इन महिला ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ लिया। आज इनका वार्षिक टर्नओवर 15 लाख रुपये है। वह महिला उस क्षेत्र की एक सफल उद्यमी बनी है। उस महिला ने निराश्रित महिला के रूप में मिलने वाली पेंशन भी सरेण्डर कर दी है। हमारे यहाँ कहा गया है कि ‘अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकस्तत्र दुर्लभः’ अर्थात कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है, बस उसे योग्य योजक मिल जाए।
देश में सर्वाधिक निवेश यू0पी0 में आज आ रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के बड़े-बड़े कार्य हुए हैं। आज भारत के सबसे बड़े नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट से कॉमर्शियल फ्लाइट का संचालन प्रारम्भ हुआ है। इस एयरपोर्ट की परिकल्पना वर्ष 1997 में की गई थी। हमने इसके लिए 13,500 एकड़ भूमि बिना किसी विवाद के अधिग्रहीत की। जिन किसानों से हमने भूमि ली थी, आज उन्हें पहली फ्लाइट से लखनऊ लाकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सर्विस सेक्टर में भी प्रदेश में अनेक सम्भावनाएँ हैं। अयोध्या, काशी, प्रयागराज, मथुरा-वृन्दावन, नैमिषारण्य, बौद्ध पर्यटन केन्द्र, जैन धर्म से सम्बन्धित स्थल उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं। इस दृष्टि से प्रदेश में स्प्रिचुअल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। अयोध्या हमारी विरासत है। वर्तमान अयोध्या भावी पीढ़ी के लिए एक उपहार भी है। अयोध्या में राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ का निर्माण हुआ है। अयोध्या में चारों तरफ 4-लेन कनेक्टिविटी है। यहाँ महर्षि वाल्मीकि के नाम पर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण हो चुका है। अयोध्या ब्रॉड गेज की डबल लाइन रेलवे से जुड़ चुका है। यहाँ के अतिथि भवनों का निर्माण निषादराज गुह्य तथा भोजनालय का निर्माण माता शबरी के नाम पर किया गया है।
अयोध्या आज स्प्रिचुअल टूरिज्म के ग्लोबल हब के रूप में उभर चुकी है। अयोध्या को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में स्थापित किया जा चुका है। यहाँ टूरिज्म के माध्यम रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिनसे आम नागरिक के जीवन में परिवर्तन आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में अयोध्या ‘विरासत भी और विकास भी’ का मॉडल बनी है। प्रदेश के स्प्रिचुअल टूरिज्म से जुड़े अधिकतर क्षेत्रों का विकास किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लगभग 36 जनपद ऐसे थे, जहाँ इंसेफेलाइटिस बीमारी से 01 वर्ष से लेकर 15 वर्ष की आयु के बच्चे असमय काल कवलित हो जाते थे, इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपद अधिक थे। 40 वर्षों में लगभग 50 हजार बच्चों की मृत्यु हुई। मैंने एक सांसद के रूप में संसद और सड़क पर इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ी। जब मैं मुख्यमंत्री बना, तो इस बीमारी के समाधान की जिम्मेदारी मुझ पर आयी। यह केवल स्वास्थ्य से सम्बन्धित समस्या नहीं थी, बल्कि सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी समस्या भी थी। हमने स्वच्छता के व्यापक अभियान संचालित किए। बीमारी के उपचार से ज्यादा इससे बचाव पर ध्यान दिया गया। समन्वित प्रयासों से मात्र 02 वर्ष में हमने इस बीमारी को नियंत्रित कर लिया। जब टीम वर्क से सकारात्मक सोच के साथ समाधान की ओर आगे बढ़ते हैं, तो सफलता प्राप्त होती है। डबल इंजन सरकार ने इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त किया।

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