मुख्यमंत्री ने जनपद प्रयागराज में ‘प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण किया

डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी
तथा श्रद्धेय अशोक सिंघल की नगर निगम द्वारा स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण किया

स्कूली बच्चों को बैग, पुस्तकें, स्टेशनरी किट व चॉकलेट
प्रदान की, दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की

मुख्यमंत्री ने यमुना जी में आयोजित एकता नौका रेस को झण्डी दिखाकर रवाना किया
 
कयाकिंग व कैनोइंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया
 
मुख्यमंत्री ने श्री बड़े हनुमान जी मन्दिर में दर्शन-पूजन किया

यमुना जी के तट पर एक साथ भारत की तीन महान विभूतियों की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया गया, नौजवान इन विभूतियों के इतिहास के बारे में जान सकें, इ
स दृष्टि से इन प्रतिमाओं की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री
 
डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी अखण्ड भारत के स्वप्नदृष्टा, प्रधानमंत्री जी ने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने का काम किया, कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त किया

श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीतिक स्थिरता और शुचिता का मॉडल प्रस्तुत किया

श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर तथा आज की अयोध्या
श्रद्धेय अशोक सिंघल की परिकल्पना का साकार रूप

जब भी देश में समता की बात होती है, तो
प्रयागराज में त्रिवेणी में स्नान इसका एक उदाहरण बनता
 
दिव्य और भव्य कुम्भ का आयोजन प्रयागराज की धरती ने करके
दिखाया, गत वर्ष महाकुम्भ में देश और दुनिया के 66 करोड़ श्रद्धालु आए
 
प्रयागराज मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा, यहां डॉ0 राजेन्द्र
प्रसाद जी के नाम पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण हो रहा

गंगा जी पर नया ब्रिज बनने जा रहा, इसके लिए 1,000 करोड़ रु0 स्वीकृत

लखनऊ : 06 जुलाई, 2026


     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण दिन है। आज भारतीय राजनीति की एक महान विभूति डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म के 125 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। डॉ0 मुखर्जी का पूरा जीवन भारत की राष्ट्रीयता, एकता और अखण्डता के लिए समर्पित था। वह एक महान शिक्षाविद्, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले खाद्य और उद्योग मंत्री थे। उन्होंने ‘एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे का उद्घोष कर अपने आप को बलिदान कर दिया था। आज उन्हें भगवान प्रयागराज की पावन धरा को नमन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद प्रयागराज में काली घाट पर डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्मृति पखवाड़ा के अवसर पर राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा को समर्पित भव्य ‘प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रनिर्माण में अपना योगदान देने वाली महान विभूतियों-डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी तथा श्रद्धेय अशोक सिंघल की नगर निगम द्वारा स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण किया। उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन तथा गर्भवती महिलाआें की गोदभराई की और स्कूली बच्चों को बैग, पुस्तकें, स्टेशनरी किट व चॉकलेट प्रदान की। मुख्यमंत्री जी ने नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दिए जाने हेतु विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा स्थापित करायी गयी साइन्स लैब से सम्बन्धित क्यूरियोसिटी कॉर्नर स्टॉल का अवलोकन कर बच्चों से शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के बारे में संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री जी ने 06 दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की। इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री जी ने यमुना जी में आयोजित एकता नौका रेस को झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, प्रतीकात्मक चेक, सफाई किट तथा आवास की चाभी भी प्रदान की। उन्होंने कयाकिंग व कैनोइंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री जी ने श्री बड़े हनुमान जी मन्दिर में दर्शन-पूजन किया तथा हनुमान मन्दिर कॉरिडोर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री जी ने भारत माता के अमर सपूत डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयन्ती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रयागराज नगर निगम ने महापौर के नेतृत्व में आज की तिथि को प्रेरणा दिवस के रूप में आयोजित कर एक अभिनन्दनीय कार्य किया है। यमुना जी के तट पर एक साथ भारत की तीन महान विभूतियों डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी तथा श्रद्धेय अशोक सिंघल की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया गया है। हमारे नौजवान भारत की इन विभूतियों के इतिहास के बारे में जान सकें, इस दृष्टि से इन प्रतिमाओं की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है।
डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी अखण्ड भारत के स्वप्नदृष्टा थे। जब अंग्रेजों ने पूरे बंगाल को पाकिस्तान में देने की साजिश रची, तो डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उस समय अपनी आवाज मुखर की और बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने देने का शंखनाद किया। भारतीय अखण्डता के लिए डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना बलिदान दिया था। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कार्य किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने का काम किया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत के गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कश्मीर के सम्बन्ध में अनुच्छेद 370 समाप्त कर इसे भारत में उसी प्रकार समाहित कर दिया, जैसे अन्य राज्य हैं। यह अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का उदाहरण है।
स्वतंत्र भारत में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राजनीतिक स्थिरता और शुचिता का मॉडल प्रस्तुत किया था। उन्होंने भारत की राजनीति में छह दशक तक सांसद, मंत्री तथा प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। उनके सार्वजनिक जीवन पर कोई भी दाग नहीं है। गांव, गरीब, किसान तथा नौजवान सहित सभी के लिए सुशासन का जो मॉडल उन्होंने दिया, वह अद्भुत है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यों को नजदीक से देखने का अवसर प्राप्त हुआ। बहुत सहजता व सरलता के साथ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पूरे देश को राजनीतिक स्थिरता देकर सुशासन का एक मॉडल दिया। आज यहां श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है। प्रभु श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं। श्रीराम का मतलब राष्ट्र है। भारत राष्ट्र को उत्तर से दक्षिण तक एकता में सूत्र में बांधने वाला श्रीराम का नाम है। इस मंत्र को लेकर भारत तथा सनातन मूल्यों के प्रति अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की भव्य प्रतिमा का भी आज यहां अनावरण हुआ है। आज श्रीराम जन्मभूमि पर मन्दिर तथा आज की अयोध्या श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की परिकल्पना का ही साकार रूप है। श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन आजादी के बाद का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन था। इसने देश के सभी पूज्य संतों को एक मंच पर लाने का अभिनव कार्य किया। उस समय के युवाओं ने श्रद्धेय अशोक सिंघल के नेतृत्व में देश में एक नया शंखनाद किया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग स्नातक थे। वह चाहते तो अपना स्वयं का जीवन गुजर-बसर करने के लिए उन्हें किसी बड़े प्रतिष्ठान में नौकरी मिल सकती थी। लेकिन उन्होंने अपना पूरा जीवन सनातन धर्म और भारत राष्ट्र के लिए समर्पित किया। उन्होंने अपनी पैतृक सम्पत्ति भी गरीबों, वनवासियों व गिरिवासियों के लिए समर्पित करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया। महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करके हम आगे बढ़ने की एक नई प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का मंत्र है कि अगर विकास करना है, तो हमें विरासत का सम्मान करना होगा। प्रयागराज ने अपनी विरासत का सम्मान करके दिखाया है। यह समता की भूमि है। जब भी देश में समता की बात होती है, तो प्रयागराज में त्रिवेणी में स्नान इसका एक उदाहरण बनती है। हर जाति, क्षेत्र और भाषा का व्यक्ति बिना भेदभाव के त्रिवेणी में स्नान करके समता का परिचय देता है। प्रयागराज की अपनी पौराणिक महत्ता है। कहते हैं भगवान भारद्वाज ने स्वयं यहां साधना की थी। वनवास जाते समय तथा वनवास से लौटते समय भगवान श्रीराम प्रयागराज में उतरे और उन्होंने महर्षि भारद्वाज के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुम्भ तथा महाकुम्भ के दौरान डबल इंजन सरकार को प्रयागराज में महर्षि भारद्वाज की भव्य प्रतिमा की स्थापना करने और उनके पौराणिक मन्दिर तथा आश्रम के पुनरुद्धार करने का गौरव प्राप्त है। यहां नाग वासुकि मन्दिर, प्रयागराज के तीर्थों के पुनरुद्धार, पातालपुरी मन्दिर, सरस्वती कूप के पुनरुद्धार, पवित्र अक्षय वट का मार्ग खोलने का कार्य किया गया है। दिव्य और भव्य कुम्भ का आयोजन प्रयागराज की धरती ने करके दिखाया है। गत वर्ष दिव्य और भव्य महाकुम्भ के आयोजन में देश और दुनिया के 66 करोड़ श्रद्धालु आए थे। प्रयागराज में हर तरफ श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता था। लेकिन प्रयागराजवासियों ने कभी भी कोई नकारात्मक स्वर नहीं उठाया। वह इसे अपना आयोजन मानकर अभिभूत थे।
आज प्रयागराज मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। अब यहां डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद जी के नाम पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का भी निर्माण हो रहा है। इसकी क्लासेस प्रारम्भ हो चुकी हैं। भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, विकास के नए-नए कार्यक्रम प्रारम्भ किए गए हैं। गंगा जी पर नया ब्रिज बनने जा रहा है। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। यहां फोर-लेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज के महापौर और उनकी पूरी टीम ने मेहनत कर डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर तीन महापुरुषों की भव्य प्रतिमा का अनावरण कराया है। नगर निगम ने महाकुम्भ के दौरान शिवालय पार्क का निर्माण करके एक नया मॉडल खड़ा किया था। यह वेस्ट-टू-वेल्थ का एक बेहतरीन उदाहरण है। शिवालय पार्क के लिए नगर निगम ने जमीन दी और पी0पी0पी0 मोड पर इसका निर्माण हुआ। यहां स्क्रैप से द्वादश ज्योतिर्लिंग तथा अन्य छह ज्योतिर्लिंग की रेप्लिकाएं बनायी गयी हैं। प्रयागराज महाकुम्भ के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए, जिससे इस पार्क में लगे इन्वेस्टमेण्ट से ज्यादा आय हो गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के स्मार्ट सिटी विजन के पीछे यही भाव है कि नगरीय क्षेत्रों में ईज़ ऑफ लिविंग का लक्ष्य प्राप्त हो सके तथा आम नागरिक के जीवन को सरल और सहज बनाया जा सके। इसके साथ ही, वहां कुछ ऐसे कार्य भी होने चाहिए, जो आने वाले लोगों को आकर्षित कर सके। इस दृष्टि से माँ यमुना के तट पर तीन महान विभूतियों की भव्य प्रतिमाएं न केवल इस क्षेत्र के संरक्षण, बल्कि हर नागरिक के लिए एक नई प्रेरणा होगी। नगर निगम ने इस सम्बन्ध में यह अद्भुत कार्य किया है।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज देश के लिए अपने जीवन का एक-एक क्षण समर्पित करने वाले डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म जयन्ती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जब से देश की बागडोर अपने हाथों में ली है, तब से पूरे विश्व में भारत का डंका बज रहा है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के बड़े-बड़े कार्य होने के साथ ही, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई। आज प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो रहा है।  
औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश को उत्तम व सर्वोत्तम प्रदेश बनाया है। आज यहां लोकार्पित प्रतिमाएं राष्ट्रवाद की सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्ति है। यह प्रेरणा स्थल उनके प्रति हमारी अटूट आस्था व श्रद्धा तथा भावना का प्रकटीकरण है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने विकास के साथ-साथ विरासत के मंत्र को आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में बड़े-बड़े विकास के कार्य पूर्ण हुए है।  
प्रयागराज के महापौर श्री उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से प्रयागराज का सांस्कृतिक विकास हो रहा है। प्रयागराज प्राचीन धार्मिक नगरी है, जो पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रयागराज का चहुँमुखी विकास हुआ है। डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा श्रद्धेय अशोक सिंघल के व्यक्तित्व की झलक हमें मुख्यमंत्री जी के व्यक्तित्व में दिखायी पड़ती है।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, सांसद श्री प्रवीण पटेल व श्री विनोद कुमार ‘बिन्द’, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण विधान परिषद सदस्य श्री सुरेन्द्र चौधरी, डॉ0 के0पी0 श्रीवास्तव, श्री बाबूलाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 वी0के0 सिंह, विधायक श्री सिद्धार्थनाथ सिंह, श्री हर्षवर्धन वाजपेयी, श्री दीपक पटेल, श्री गुरु प्रसाद मौर्य, श्री पीयूष रंजन निषाद, श्री राजमणि कोल, श्री वाचस्पति, विधायक श्रीमती पूजा पाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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