लखनऊ | दिनांक : 10/07/2026
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर सरोजनीनगर दक्षिण-3 मंडल के ग्राम बरौली से 60वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सम्पन्न।
डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में अब तक 8,650 से अधिक श्रद्धालुओं ने किए प्रभु श्रीरामलला के दर्शन
60वीं रामरथ यात्रा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, बुजुर्ग सम्मान और सेवा का संदेश जन-जन तक पहुँचा
डॉ. राजेश्वर सिंह का संकल्प — सरोजनीनगर में रामभक्ति, सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता की भावना निरंतर सशक्त होती रहे
लखनऊ। “यतो धर्मस्ततो जय” अर्थात जहाँ धर्म है, वहीं विजय है। प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा, सेवा और कर्तव्य के आदर्श हैं। इन्हीं मूल्यों से प्रेरित होकर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा निरंतर श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर प्रदान कर रही है।
इसी क्रम में सरोजनीनगर दक्षिण-3 मंडल के ग्राम बरौली से 60वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति प्राप्त की। यह यात्रा श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन कराने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश भी दे रही है।
रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा का शुभारंभ 27 सितंबर 2022 को डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा किया गया था। इस सेवा पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, मातृशक्ति एवं आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या धाम ले जाकर प्रभु श्रीरामलला, हनुमानगढ़ी तथा अन्य पवित्र स्थलों के दर्शन कराना है। साथ ही भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, बुजुर्ग सम्मान और सनातन परंपराओं को प्रोत्साहित करना भी इसका उद्देश्य है।
डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में अब तक 8,650 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुँचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू में स्नान किया, हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया तथा प्रभु श्रीरामलला का आशीर्वाद प्राप्त किया। "जय श्रीराम" के उद्घोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलपान, भोजन, चिकित्सा सहायता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई गईं। श्रद्धालुओं को रामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता तथा प्रसाद भी भेंटस्वरूप प्रदान किया गया।
डॉ. राजेश्वर सिंह के अनुसार रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा का उद्देश्य केवल तीर्थ दर्शन कराना नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों—मर्यादा, त्याग, सेवा, कर्तव्य और राष्ट्रधर्म—को समाज तक पहुँचाना भी है। यह पहल नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ समाज में सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ कर रही है।
श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष, बुजुर्गों की प्रसन्नता और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट आस्था इस पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने संकल्प व्यक्त किया कि सरोजनीनगर में रामभक्ति, सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता की भावना को आगे भी इसी प्रकार निरंतर सशक्त किया जाता रहेगा।
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