केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम में द्वितीय राष्ट्रीय बकरी दिवस के रूप में मनाया गया 47 वॉ संस्थान स्थापना दिवस ।

केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम ने 12 जुलाई, 2026 को अपने 47 वें स्थापना दिवस के अवसर पर द्वितीय राष्ट्रीय बकरी दिवस का भव्य आयोजन किया गया । यह आयोजन संस्थान की शोध, नवाचार और विस्तार कार्यों की उत्कृष्टता का परिचायक रहा, जिसमें देश के विभिन्न प्रतिष्ठित पशुपालन एवं कृषि अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, शिक्षाविदों, बकरी पालक किसानों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी सहभागिता रही ।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ0 यशपाल सिंह मलिक, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ0 तरु शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी अधिकारी अंतर्राष्ट्रीय संबंध , भारतीय पशु विज्ञान संस्थान, इज्जतनगर, श्री वेंकट श्रीकर पटेल, डी.एफ.ओ मथुरा, डॉ0 आशुतोष वर्मा, सहायक डीन, लिंकन विश्वविद्यालय, अमेरिका, श्री सोनपाल, निदेशक पं0 दीनदयाल शोध संस्थान, दीनदयाल धाम, फरह, मथुरा की गरिमामयी उपस्थिति रही एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही ।

 

कार्यक्रम की शुरूआत संस्थान निदेशक डॉ0 मनीष कुमार चेटली एवं मुख्य व विशिष्ट अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण करके की गयी जिसके उपरांत वंदे मातरम गीत के साथ दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अथिति, विशिष्ट अतिथियों एवं संस्थान निदेशक द्वारा संस्थान के वार्षिक प्रतिवेदन, सीआईआरजी एट ए ग्लांस आदि प्रकाशनों का विमोचन किया गया । इसी के साथ ही संस्थान के समस्त वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संस्थान की शोध एवं अनुसंधान गतिविधियों में विकास कर बकरी पालन को नयी ऊचांईयों पर ले जाने की शपथ ली ।

माननीय भागीरध चौधरी जी, राज्यमंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, माननीय रामनाथ ठाकुर जी, राज्यमंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, माननीय प्रो0 एस.पी. सिंह बघेल जी, राज्यमंत्री मतस्य, पशुपालन, डेयरी व पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, श्री मनीष असीजा, माननीय विधायक फिरोजाबाद, श्रीमती कामिनी राठौर, महापौर निगम निगम फिरोजाबाद आदि ने संस्थान की उत्कृष्ट उपलब्धियों की सराहना करते हुए सुभकामना संदेशों के माध्यम से 47वें संस्थान स्थापना दिवस व द्वितीय राष्ट्रीय बकरी दिवस की बधाई दी ।

 

संस्थान निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों सहित सभी गणमान्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं पटका पहनाकर स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि संस्थान का 47 वर्षों का गौरवशाली इतिहास रहा है। विगत एक वर्ष में 34 प्रशिक्षण कार्यक्रम (10 राष्ट्रीय एवं 24 प्रायोजित) आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 18 राज्यों के लगभग 2,500 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। वर्तमान में संस्थान में 8 संस्थान वित्तपोषित एवं 1 संविदा परियोजना सहित अनेक महत्वपूर्ण शोध परियोजनाएँ संचालित हैं। इस अवधि में 7 तकनीकी पेटेंट पंजीकृत, 11 एमओयू हस्ताक्षरित तथा 6 तकनीकों का व्यावसायीकरण किया गया। स्वास्थ्य एवं प्रसार सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु 'अजा परी' (पशु एम्बुलेंस) भी शुरू की गई है। उन्होंने वैक्सीन किट, हर्बल उत्पाद, तकनीकी हस्तांतरण एवं जीन एडिटिंग जैसे प्रमुख शोध कार्यों तथा उनके किसानों एवं बकरी पालकों के लिए उपयोग पर भी प्रकाश डाला।

 

संस्थान निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने संस्थान के सभी वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पूर्व निदेशकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान की 47 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में सभी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने किसानों की आय वृद्धि, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं महिला किसानों के सशक्तिकरण हेतु विभिन्न परियोजनाएं संचालित की हैं। पिछले 47 वर्षों में संस्थान ने बकरी की उन्नत नस्लों के विकास, रोग प्रबंधन, पोषण एवं प्रजनन तकनीकों के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. यशपाल सिंह मलिक, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धियों, जैसे हाइड्रोपोनिक यूनिट, पॉडकास्ट, एकीकृत कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) तथा अन्य नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये पहलें कृषि एवं पशुपालन अनुसंधान को नई दिशा प्रदान कर रही हैं । डॉ. मलिक ने युवा वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे नवाचार, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास की इस मुहिम को और अधिक गति प्रदान करते हुए किसानों एवं पशुपालकों के हित में उपयोगी तकनीकों के विकास हेतु निरंतर कार्य करें ।

इस अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग (वन विभाग), मथुरा के सहयोग से संस्थान परिसर में मेगा वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया । अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है । इस अभियान में अधिकारी, कर्मचारी, छात्र एवं किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करेंगे की । इसी क्रम में संस्थान द्वारा नेशनल हाईवे पर फरह स्थित पी.डब्ल्यू.डी. अतिथि गृह के समीप संस्थान के भावी अजा केन्द्र पर, के.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पार्क हॉस्पिटल), आगरा के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया । शिविर का लाभ संस्थान के कर्मचारियों, किसानों, बकरी पालकों तथा स्थानीय नागरिकों को प्रदान किया गया ।

 

समस्त विशिष्ट अतिथियों ने संस्थान की उपलब्धियों एवं स्थापना दिवस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इसमें सहभागिता उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने किसानों एवं बकरी पालकों के विकास में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका और शोध कार्यों की प्रशंसा की। कार्यक्रम के माध्यम से बकरी पालन क्षेत्र में संस्थान के शोध, नवाचार एवं उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया तथा किसानों को नवीनतम तकनीकों एवं अनुसंधान से अवगत कराया गया।

 

इस अवसर पर भरतपुर राजस्थान में तकनीकी सहयोग हेतु एक बकरी पालक स्वयं सहायता समूह का शुभारंभ किया गया ।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अथिति, विशिष्ट अतिथियों एवं संस्थान निदेशक डॉ0 मनीष कुमार चेटली द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिए वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहन पुरूस्कार भी दिये गये । इस कार्यक्रम में सम्मान समारोह माध्यम से उन्नत बकरी पालक किसानों एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बकरी शोध, अनुसंधान एवं उन्नत बकरी पालन की तकनीकों के विकास में उनके योगदान के लिए  सम्मानित किया गया ।

 

कार्यक्रम के अंत में निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने सभी आमंत्रित अतिथियों, पूर्व निदेशकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संस्थान की 47 वर्ष की गौरवशाली यात्रा में उनके योगदान की सराहना की ।