उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स व मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में रचा नया इतिहास, हाई-टेक विनिर्माण के क्षेत्र में बना देश का अग्रणी राज्य

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से सेमीकंडक्टर तक- उत्तर प्रदेश बना भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स राजधानी

नोएडा बना भारत की टेक्नोलॉजी विनिर्माण का केंद्र, देश के 65 प्रतिशत मोबाइल फोन का हो रहा है उत्पादन

लखनऊ: 22 जुलाई, 2026

देश में बनने वाले लगभग 65 प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्माण कर उत्तर प्रदेश वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा को केंद्र रखकर विकसित हुए इस मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम ने यूपी को वैश्विक प्रौद्योगिकी शक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यहां सैमसंग, ओप्पो, वीवो और एलजी जैसे वैश्विक ब्रांड्स के साथ-साथ डिक्सन टेक्नोलॉजीज, ऑप्टीमस, पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स, ज़ेटवर्क (ज़ेटटाउन) और भगवती प्रोडक्ट्स (माइक्रोमैक्स) (Samsung, Oppo, Vivo, Oppo operating in Noida and Greater Noida- Notably major OEM's/ODM's such as Dixon, Optiemus, Padget, Zettown (Subsidiary of Zetwerk Private Limited) Bhagwati Products (Parent company of Micromax) जैसे प्रमुख ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) और ओरिजिनल डिजाइन मैन्युफैक्चरर्स (ओडीएम) संचालित हैं।
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण के क्षेत्र में भी देश की रीढ़ बनकर उभरा है और भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट उत्पादन में लगभग 55 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। सैमक्वांग, होलीटेक, केएचवाई, ख्वाटेक, मिंडा कॉर्पाेरेशन, जेवर्ल्ड, शिनसंग सी एंड टी, सनवोडा और ड्रीमटेक (Samkwang, Holitech, KHY, Khvatec, Minda Corporation, JWorld, Shinsung C-T, LCE, Transsion, Sunwoda and Dreamtech) जैसी कंपनियां पीसीबीए, डिस्प्ले, कैपेसिटर सहित अनेक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट का निर्माण कर रही हैं। वहीं हायर और पैनासोनिक जैसी प्रमुख कंपनियों के विस्तार के साथ राज्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत कर रहा है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे राज्य की दूरदर्शी और निवेश-अनुकूल नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2017 तथा वर्ष 2020 और 2022 में किए गए संशोधनों के साथ उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025 (प्रथम संशोधन) के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में 75 से अधिक कंपनियों द्वारा 28,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में भी मजबूत कदम बढ़ाते हुए 32,146 करोड़ रुपये के स्वीकृत निवेश हासिल किए हैं, जिनमें जेवर के निकट स्थापित होने वाला एचसीएल-फॉक्सकॉन डिस्प्ले ड्राइवर चिप प्लांट प्रमुख है।
औद्योगिक विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2015 में जहां इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात नगण्य था, वहीं वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर 2.58 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया, जो भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का 16.65 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में निर्मित मोबाइल उपकरणों का वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत के 28.45 अरब अमेरिकी डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में
महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में केवल स्मार्टफोन निर्यात 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो इस क्षेत्र के तीव्र वैश्विक विस्तार को दर्शाता है।
इस औद्योगिक विकास को राज्य के सुदृढ़ डिजिटल इकोसिस्टम का भी भरपूर समर्थन प्राप्त है। प्रदेश में 1.85 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित हैं, जो 314 से अधिक ई-गवर्नेंस सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं 24 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं का तेजी से बढ़ता उपभोक्ता आधार घरेलू मांग को नई गति दे रहा है। विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और कुशल मानव संसाधन के बल पर नोएडा आज मोबाइल फोन, एलईडी टीवी, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और लिथियम-आयन बैटरी निर्माण के समर्पित क्लस्टरों के साथ भारत के हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025 तथा सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2024 राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और चिप निर्माण इकोसिस्टम को नई गति प्रदान कर रही हैं। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ड्रोन, ऑटोमेशन और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे इंडस्ट्री 4.0 क्षेत्रों में रणनीतिक निवेश को भी तेजी से बढ़ावा दे रहा है। इन पहलों से नवाचार को नई दिशा मिलेगी, वैश्विक सप्लाई चेन में उत्तर प्रदेश की भागीदारी और मजबूत होगी तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश न केवल देश के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र का नेतृत्व करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।