मुख्यमंत्री ने जनपद शामली में कैराना, शामली एवं थानाभवन
विधान सभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रु0 से अधिक लागत की
89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया

विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति
पत्र, प्रतीकात्मक चेक, टै्रक्टर एवं आवास की प्रतीकात्मक चाभी
तथा नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये

अब शामली केवल गन्ने की मिठास के लिए नहीं, बल्कि एक्सप्रेस-वे
हब के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा : मुख्यमंत्री

जनपद शामली अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक परम्परा के लिए जग
विख्यात, शामली और कैराना की पावन धरा ने सन् 1857 के प्रथम
स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की नींव को हिलाने का काम किया

प्रयागराज की तरह शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, शामली-अंबाला एक्सप्रेस-वे तथा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे के त्रिवेणी संगम के रूप में बन चुका

शामली 400 के0वी0ए0 के बड़े विद्युत उपकेन्द्र के माध्यम
से पश्चिमी उ0प्र0 में विद्युत आपूर्ति का महत्वपूर्ण केन्द्र बना

प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल पार्क स्थापित होने जा
रहा, पी0ए0सी0 की बटालियन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा

आने वाले समय में गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर शामली
को गोरखपुर तथा पूर्वोत्तर भारत के सिलीगुड़ी क्षेत्र से जोड़ेगा

उ0प्र0 में 122 चीनी मिलें संचालित, गन्ना
किसानों को 400 रु0 प्रति क्विंटल का मूल्य मिल रहा

उ0प्र0 चीनी उत्पादन, गन्ना उत्पादन तथा एथेनॉल उत्पादन में देश में
प्रथम, यह उपलब्धि अन्नदाता किसानों की उन्नति एवं समृद्धि का आधार

प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति ’जीरो टॉलरेंस’
की नीति अपनाई, आज शामली, कैराना तथा थानाभवन
में विकास और खुशहाली का वातावरण दिखाई दे रहा

प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो
रही, सरकारी भर्तियों में शामली का नौजवान भी भर्ती होता

लखनऊ : 17 जुलाई, 2026

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जनपद शामली अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक परम्परा के लिए जग विख्यात है। आज से 05 हजार वर्ष पूर्व, कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने पावन हनुमानटीला में आकर विश्राम तथा पवित्र जल ग्रहण किया था। शामली और कैराना की पावन धरा ने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की नींव को हिलाने का काम किया था। कैराना की धरती ने भारत की शास्त्रीय संगीत परम्परा को नई ऊंचाई प्रदान की तथा कैराना घराने से पण्डित भीमसेन जोशी ने विश्व पटल पर भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद शामली में कैराना, शामली एवं थानाभवन विधान सभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रतीकात्मक चेक, टै्रक्टर एवं आवास की प्रतीकात्मक चाभी तथा नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कैराना में निर्माणाधीन पी0ए0सी0 परिसर का निरीक्षण तथा ले-आउट प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने कार्य में तेजी लाते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ निर्माण कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शामली जनपद गन्ने की मिठास के लिए जाना जाता है। आज से 10 वर्ष पहले शामली लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ था। लोगों के मन में शामली जनपद के बारे में जिज्ञासा थी। शामली दहशत और भय का प्रतीक बना हुआ था। यहां गुंडागर्दी होती थी तथा कोई भी सुरक्षित नहीं था। कैराना और कांधला से पलायन हो रहा था। एक शरारत के तहत यहां की डेमोग्राफी बदलने की साजिशें चल रही थीं। यहां के विकास कार्य ठप पड़े थे। नौजवान हताश और निराश था। अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर था। बहन-बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं। उद्योग-धन्धे बन्द हो रहे थे। आवागमन के मार्ग गड्ढ़ों में तब्दील हो चुके थे तथा बिजली नहीं आती थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जब वह कैराना और शामली को देखते हैं, तो उन्हें अंतःकरण से प्रसन्नता होती है। जिस प्रकार प्रयागराज माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती की त्रिवेणी के लिए जाना जाता है, उसी प्रकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, शामली-अंबाला एक्सप्रेस-वे तथा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे के त्रिवेणी संगम के रूप में बन चुका है। यदि इस एक्सप्रेस-वे, इन्फ्रास्ट्रक्चर और यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया, तो भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एन0सी0आर0 के सबसे समृद्ध जनपदों में स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले लोग यहां बिजली के लिए तरसते थे, जबकि आज शामली 400 के0वी0ए0 के बड़े विद्युत उपकेन्द्र के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विद्युत आपूर्ति का महत्वपूर्ण केन्द्र बन चुका है। पहले यहां चिकित्सा सुविधाएं भी नदारद थीं, लेकिन वर्ष 2017 से 2020 के बीच चिकित्सीय सुविधाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई। कोरोना महामारी के दौरान न केवल शामली के लोग बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर रहे थे, बल्कि दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों से भी लोग उपचार के लिए शामली के अस्पतालों में आ रहे थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने विकास का यह मॉडल दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार तथा उनके मार्गदर्शन में कार्य कर रही उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर इस गति को शामली की प्रगति में बदलते हुए विकास यात्रा को निरन्तर आगे बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मंच से जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र के विकास एवं विशेष रूप से चीनी मिलों के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं। स्वतंत्र भारत के इतिहास में चौधरी चरण सिंह जी के बाद वर्ष 2017 में इसी माटी के सपूत श्री सुरेश राणा ने चीनी मिलों के पुनरुद्धार का बीड़ा उठाया। आज उसका परिणाम है कि प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। जब उनके समक्ष यह प्रस्ताव आया कि गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए, तब यह विचार भी सामने आया कि यदि गन्ना मूल्य में वृद्धि हो जाए तो किसानों को और अधिक लाभ मिलेगा। आज हमारे अन्नदाता गन्ना किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के समय आशंका व्यक्त की जा रही थी कि अनेक चीनी मिलें बंद हो जाएंगी। वर्ष 2007 से 2017 के दौरान 29 चीनी मिलें बंद हुईं तथा 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया। इस विषय पर श्री सुरेश राणा से चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि चीनी मिलों को बिकने नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें पुनः संचालित किया जाएगा। आज उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं।
आज उत्तर प्रदेश चीनी उत्पादन, गन्ना उत्पादन तथा एथेनॉल उत्पादन तीनों क्षेत्रों में देश में प्रथम स्थान पर है। यह उपलब्धि अन्नदाता किसानों की उन्नति एवं समृद्धि का आधार बनी है। हम लोग अन्नदाता किसानों के उपासक हैं। विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाने, चीनी मिलों को पुनः संचालित करने तथा गन्ना मूल्य के समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की है। डबल इंजन सरकार के इन कार्यों के लिए वह जनता का समर्थन प्राप्त करने आए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वह वर्ष 2017-18 तथा वर्ष 2020-21 में यहां थे। वह वर्ष 2015 में कैराना में हुई एक हत्या के पीड़ित परिवार से भी मिले थे। प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति ’जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्य किया है। प्रदेश सरकार ने संकल्प लिया था कि माफिया और अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई स्थान नहीं होगा। इसी नीति के परिणामस्वरूप आज शामली, कैराना तथा थानाभवन में विकास और खुशहाली का वातावरण दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज बेटियां सुरक्षित वातावरण में घर से विद्यालय जा रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी शामली ने प्रगति की है। जब उन्होंने यू0पी0 बोर्ड एवं सी0बी0एस0ई0 बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के विद्यार्थियों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने बताया कि वे अपने घर से निडर होकर विद्यालय जाते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार है। अपराधी जानता है कि यदि उसने कुछ भी हिमाकत की तो उसे जेल जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शामली की प्रगति की इस यात्रा को और अधिक गति देने के उद्देश्य से वह पुनः यहां आए हैं। कैराना में पी0ए0सी0 की बटालियन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही, प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया अब पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो रही है। सरकारी भर्तियों में शामली का नौजवान भी भर्ती होता है तथा नौकरी पाता है। अब नियुक्ति पत्रों का वितरण निष्पक्ष रूप से हो रहा है। शामली, मुजफ्फरनगर सहित प्रदेश के सभी जनपदों के युवाओं को समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब आस्था से जुड़े आयोजनों पर विभिन्न प्रकार की पाबंदियां लगाई जाती थीं। वर्ष 2017 से पूर्व जय श्रीराम का उद्घोष करने वालों पर कार्रवाई होती थी, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित किया जाता था, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन रोके जाते थे, रामनवमी की शोभा यात्राओं को अनुमति नहीं मिलती थी। धार्मिक स्थलों की सम्पत्तियों पर कब्जे किए जाते थे। लेकिन आज कांवड़ यात्रा को कोई नहीं रोकता। कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। सरकार सुरक्षा एवं सुविधाओं के साथ कांवड़ यात्रियों के साथ खड़ी है। प्रशासन, उद्यमी, व्यापारी तथा स्वयंसेवी संगठन भी उनकी सेवा के लिए खड़े हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि ‘हम सब श्रीराम के वंशज हैं, श्रीकृष्ण के अनुयायी हैं और भोले शंकर के भक्त हैं। श्रीराम की मर्यादा, श्रीकृष्ण की लीला तथा भगवान शंकर की समरसता और जीवन्तता हमें सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। जीवन में अनुशासन और धैर्य हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। छोटी-छोटी बातों को लेकर कहीं भी हुड़दंग या अनुशासनहीनता नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि कहीं कोई गुंडागर्दी अथवा अनुशासनहीनता होती है तो विरोधी तत्व ऐसे दृश्यों का उपयोग कर भविष्य में कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के लिए विभिन्न प्रकार के दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। सरकार कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और उनकी आस्था के सम्मान के लिए हर प्रकार का सहयोग कर रही है। वह स्वयं कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा करने के लिए आते हैं। यात्रा की गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व कांवड़ यात्रियों के बीच आकर उपद्रव अथवा दंगा फैलाने का प्रयास करे, तो ऐसे व्यक्ति को तत्काल अलग कर देना चाहिए। यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। पर्व एवं त्योहारों की मर्यादा का पालन करते हुए ही हमारी परम्पराएं और अधिक सुदृढ़ एवं गौरवपूर्ण ढंग से आगे बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, युवाओं तथा देश के अन्नदाता किसानों के उन्नयन के लिए चौधरी चरण सिंह जी ने जो सपना देखा था, उसे आज डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक ओर अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरन्तर कार्य हो रहा है, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बहनों एवं बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके स्वावलम्बन के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रत्येक गरीब तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है तथा व्यापारियों की सुरक्षा एवं निवेश के लिए अनुकूल वातावरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयासों का परिणाम है कि जनपद में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में लगभग 750 किलोमीटर लम्बे गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर तथा पूर्वोत्तर भारत के सिलीगुड़ी क्षेत्र से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर लगभग 1100-1200 किलोमीटर की श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। साथ ही, शामली को अम्बाला एवं पानीपत से जोड़ा जा रहा है। भविष्य में शामली चारों दिशाओं से एक्सप्रेस-वे तथा हाईवे नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण जंक्शन एवं केन्द्र बनकर उभरेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज अनेक विकास परियोजनाएं जनपद को समर्पित की जा रही हैं, जो शामली के विकास को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी। पी0ए0सी0 बटालियन के निर्माण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। पुलिस लाइन के निर्माण, जिला मुख्यालय के विकास तथा इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। अब शामली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन0सी0आर0) का हिस्सा बन गया है। अर्थात दिल्ली में जो विकास होगा, शामली भी उससे वंचित नहीं रहेगा। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल पार्क भी यहीं स्थापित होने जा रहा है, जिससे लगभग 8,000 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। यह सभी आपके समर्थन के कारण सम्भव हो पा रहा है। आपका समर्थन हमारी सबसे बड़ी ताकत है। अब शामली केवल गन्ने की मिठास के लिए ही नहीं, बल्कि एक्सप्रेस-वे हब के रूप में भी अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें अमृत 2.0 के अन्तर्गत नगर पंचायत ऊन पेयजल पुनर्गठन योजना, राजकीय महिला आई0टी0आई0 पिण्डौरा, नवीन राजकीय हाई स्कूल कादरगढ़ के निर्माण, शामली-मालेण्डी-दुल्ला खेडी मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, दुल्ला खेडी से बुन्टा रजवाहे की पटरी गन्देवडा-संगम मार्ग, सहारनपुर-थानाभवन मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य तथा तहसील शामली में प्रतिदिन पांच टन क्षमता के सी0एन0जी0 बायोगैस प्लाण्ट का लोकार्पण शामिल है।
साथ ही, नगर पालिका परिषद कैराना एवं नगर पालिका परिषद शामली की पेयजल पुनर्गठन योजना, विभिन्न महत्वपूर्ण मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, नगर पंचायत झिंझाना एवं नगर पंचायत एलम में स्टडी सेन्टर का निर्माण, नवीन कलेक्ट्रेट से शामली-भैंसवाल मार्ग तक सम्पर्क मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, पी0एम0 कुसुम योजना के अन्तर्गत सब-स्टेशन की स्थापना, टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सहयोग से शामली में स्थापित किए जा रहे सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स तथा थानाभवन-मुजफ्फरनगर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब जनता का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मेहनत करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। आज शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है। अब प्रदेश बदल चुका है। यहां की कार्य संस्कृति बदल चुकी है। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिला, व्यापारी तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के हित के लिए कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार की कार्यशैली विकास की गति को बुलेट ट्रेन की स्पीड के साथ आगे बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार को प्रदेश में सुरक्षा और सुशासन के लिए जनता का आशीर्वाद निरन्तर प्राप्त होना चाहिए।
इस अवसर पर जल शक्ति राज्यमंत्री श्री दिनेश खटीक, विधान परिषद सदस्य श्री मोहित बेनीवाल, श्री वीरेन्द्र सिंह, विधायक श्री प्रसन्न कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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