संस्कृति विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न अवसरों पर आयोजित किए जाने वाले आयोजनों की प्रस्तावित कार्ययोजना जारी
प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाले आस्था स्थलों, समारोहों तथा महापुरूषों जन्म दिवस पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जांएगे
-जयवीर सिंह
लखनऊ: 06 जुलाई, 2026
संस्कृति विभाग, उ0प्र0 की ओर से अप्रैल से मार्च, 2026-27 तक आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की प्रस्तावित कार्ययोजना जारी करा दी गई है। इसके तहत प्रदेश के 54 जनपदों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जांएगें। इसके अलावा विभिन्न अवसरों पर सांस्कृतिक गतिविधियां के अतिरिक्त उ0प्र0 अन्तर्राष्ट्रीय ट्रेड शो का भी आयोजन कराया जाएगा। घोषित कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ समेत प्रदेश के समस्त जनपदों में विभिन्न जनपदों के मंदिरों में अक्टूबर, 2026 से नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि का आयोजन कराया जाएगा। इसके तहत प्रतिष्ठित मंदिरों में भजन, कीर्तन एवं देवीपाठ कराएं जाएंगे। इसके अतिरिक्त 07 अक्टूबर, 2026 से प्रदेश के समस्त राम एवं हनुमान मंदिरों में तीन दिवसीय वाल्मिकी पाठ कराए जाने का प्रस्ताव है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इसके घोषित कलेन्डर के अनुसार आगरा के बटेश्वर, बैकुंडी देवी महाविद्यालय, डॉ0 भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में क्रमशः दिसंबर, 2026, सितंबर, 2026 व नवंबर, 2026 में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती समारोह के अवसर पर संस्कृति निदेशालय द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार अलीगढ़ में अप्रैल, 2026, अमरोहा में 01-04 नवंबर, 2026, आजमगढ़ में जुलाई-अगस्त, 2026 तथा अयोध्या के राम की पैड़ी पर जुलाई, 2026, सावन झूला के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि अयोध्या के राम कथा पार्क में 18-19 अक्टूबर, 2026 को तीन दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा तथा दिसंबर, 2026 में पांच दिवसीय रामायण मेला भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा अयोध्या में 19 दिसंबर, 2026 को एक दिवसीय काकोरी बलिदान दिवस, अक्टूबर, 2026 को भरतकुंड महोत्सव, अक्टूबर, 2026 में ही साकेत महाविद्यालय में चित्रकार शिविर, अयोध्या में सितंबर, 2026 को 10 दिवसीय कैंप शिविर, 27 फरवरी, 2027 दो दिवसीय धु्रपद महोत्सव, जून, 2026 को दो दिवसीय सरयू महोत्सव, जुलाई, 2026 को तीन दिवसीय रामायण उत्सव, जुलाई, 2026 को तुलसी जयंती महोत्सव तथा 01-05 नवंबर, 2026 तक छः दिवसीय नंदी ग्राम समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों आयोजित की जाएगी।
जयवीर सिंह ने बताया कि बहराइच में फरवरी, 2027, दिसंबर, 2026, बलिया में विरह महोत्सव, बलरामपुर में भारत नेपाल मैत्री महोत्सव, बलरामपुर में ही दिसंबर, 2026 को अटल जयंती समारोह व जनजाति कला कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह बांदा में 15-17 दिसंबर, 2026 को पौराणिक मौनी बाबा मेला व गणेश उत्सव, बरेली में जनजातीय यात्रा, चित्रकूट में फरवरी, 2027 को चित्रकूट रामायण मेला व अन्य विभिन्न कार्यक्रम फर्रूखाबाद के संकिसा में अक्टूबर, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी, प्राचीन बौद्ध विरासत आदि का आयोजन होगा। फिरोजाबाद में दिसंबर, 2026 को फिरोजाबाद महोत्सव व सिरसागंज में मार्च, 2027 को 03 दिवसीय समौर बाबा धाम महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हाथरस, जालौन, जौनपुर, झांसी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, कौशाम्बी, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि विभिन्न विधाओं पर कार्यशाला, गीत-संगीत, नृत्य एवं विभिन्न अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को विरासत से जोड़ना तथा लोक परंपरा को आगे बढ़ाना है। इसी क्रम में मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, सहारनुपर, संभल, संतकबीर नगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, वाराणसी, अंबेडकरनगर, गौतमबुद्धनगर, हमीरपुर तथा मऊ में विभिन्न अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव है।
सालभर विभिन्न तिथियों में मेले महोत्सव, महापुरूषों की जयंतिया, तीज-त्योहारों आदि पर आने वाले कलाकारों के मानदेय एवं मार्ग व्यय पर 01 करोड़ रूपये तथा देश व प्रदेश के माननीयगण एवं मा0 राष्ट्रपति, मा0 प्रधानमंत्री जी, मंत्रीगणो के विभिन्न जनपदोंमें भ्रमण एवं विभागों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में सांस्कृतिक व्यय 02 करोड़, 20 लाख की धनराशि व्यय की जाएगी। पर्यटन मंत्री ने बताया कि आस्था के साथ विरासत एवं सांस्कृतिक पुनरूत्थान के लिए संास्कृतिक विभाग द्वारा विभिन्न अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाले आस्था स्थलों, समारोहों तथा महापुरूषों जन्म दिवस पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इन कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित ढ़ंग से प्रस्तुत करने के लिए 2026-27 का कलेण्डर जारी किया गया है।
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