मुख्यमंत्री ने उ0प्र0-जापान इन्वेस्टमेण्ट मीट-2026 को सम्बोधित किया
आज उ0प्र0 में इन्वेस्टमेण्ट, इण्डस्ट्री एण्ड
इम्प्लॉयमेंट के नए अवसरों का आधार बन रहा : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उ0प्र0 अपने एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट्स, हाई स्पीड कनेक्टिविटी और मॉडर्न ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से निरन्तर आगे बढ़ रहा
हमारा लक्ष्य ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर ईको-सिस्टम तैयार करना, जो इण्डस्ट्री
को स्पीड, आम नागरिक को सेफ्टी और इन्वेस्टर्स को एक रिलायबिलिटी दे सके
उ0प्र0 और यामानाशी के सम्बन्धों ने एक नई साझेदारी के युग की शुरुआत की
जापान की ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और हाई
क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ क्लीननेस और कलेक्टिव
रिस्पॉन्सिबिलिटी के लिए पूरी दुनिया में एक अलग पहचान
जापान के पास इण्डस्ट्रियल एक्सीलेंस की एक
असाधारण विरासत और उ0प्र0 के पास युवाओं की ऊर्जावान पीढ़ी
इन्वेस्ट यू0पी0 के अन्तर्गत एक डेडिकेटेड यामानाशी डेस्क स्थापित किया जाएगा,
जो यामानाशी सरकार, वहां के उद्योगों और निवेशकों के लिए निरन्तर समन्वय करेगा
हमारा उद्देश्य जापानी कम्पनियों के लिए
उ0प्र0 में निवेश को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाना
हमारा प्रयास कि बौद्ध सर्किट के माध्यम से जापान
से आने वाले पर्यटकों के लिए टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए
अक्टूबर, 2026 में यामानाशी में आयोजित होने वाली इण्टरनेशनल
हाइड्रोजन समिट में भाग लेने के लिए उ0प्र0 अपना डेलीगेशन भेजेगा
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेण्टर की
स्थापना के लिए एक मजबूत ईको-सिस्टम तैयार किया जा रहा
हमारा लक्ष्य केवल इन्वेस्टमेंट लाना नहीं, बल्कि जापान
के साथ एक लॉन्ग टर्म ट्रस्ट बेस्ड पार्टनरशिप बनाना
इन्वेस्ट यू0पी0 के अन्तर्गत एक डेडिकेटेड यामानाशी डेस्क स्थापित किया जाएगा
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उ0प्र0 की डबल इंजन
सरकार विरासत और विकास के अद्भुत समन्वय की साक्षी बनी
विरासत हमारी पहचान, संस्कृति हमारी आत्मा,
कार्य संस्कृति हमारी शक्ति और विकास हमारा संकल्प
भारत और जापान ऐसे देश, जिन्होंने अपनी विरासत और परम्परा
को अपने दैनिक जीवन और कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाए रखा
भारत-जापान रिलेशंस केवल आज की आर्थिक साझेदारी
नहीं, इसके पीछे भगवान बुद्ध से जुड़ी हमारी शेयर्ड हेरिटेज
हमारा प्रयास होगा कि यामानाशी के साथ विकसित मॉडल को यामानाशी
के माध्यम से जापान के अन्य प्रीफेक्चर्स तक भी विस्तार दिया जाए
मुख्यमंत्री ने यामानाशी एम0एस0एम0ई0 कम्पनियों के उ0प्र0 में निवेश के लिए
600 करोड़ रु0 का फण्ड घोषित करने के लिए यामानाशी गवर्नर को धन्यवाद दिया
मुख्यमंत्री के समक्ष 03 एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया
लखनऊ : 21 अगस्त, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में इन्वेस्टमेण्ट, इण्डस्ट्री एण्ड इम्प्लॉयमेंट के नए अवसरों का आधार बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश अपने एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट्स, हाई स्पीड कनेक्टिविटी और मॉडर्न ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से निरन्तर आगे बढ़ा रहा है। हमारा लक्ष्य केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर ईको-सिस्टम तैयार करना है, जो इण्डस्ट्री को स्पीड, आम नागरिक को सेफ्टी और इन्वेस्टर्स को एक रिलायबिलिटी दे सके।
मुख्यमंत्री जी आज यहां उत्तर प्रदेश-जापान इन्वेस्टमेण्ट मीट-2026 को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जापान में रोजगार प्राप्त करने वाले 02 छात्रों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने जापानी प्रतिनिधिमण्डल के साथ कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जापान और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ती और प्रगतिशील साझेदारी पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री जी के समक्ष 03 एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुछ दिन पूर्व जापान की धरती पर लिए गए संकल्प आज लखनऊ की धरती पर साकार रूप लेते दिखाई दे रहे हैं। जापान में हुई बातचीत अब एक मजबूत बिजनेस पार्टनरशिप में बदल रही है। जापान और भारत के बीच उत्तर प्रदेश और यामानाशी के इन संबंधों ने एक नई साझेदारी के युग की शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान ने दुनिया को दिखाया है कि लिमिटेड रिसोर्सेज होने के बावजूद डिसिप्लिन, विल पावर, हाई क्वालिटी स्टैंडर्ड, इनोवेशन एण्ड नेशन फर्स्ट की भावना के साथ यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो कोई भी चुनौती आपके मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। आज जापान विश्व की प्रमुख इकोनॉमिक एण्ड इण्डस्ट्रियल पावर के रूप में स्थापित है। जापान की ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और हाई क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ क्लीननेस और कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी के लिए पूरी दुनिया में एक अलग पहचान है। काइज़ेन, मोनोज़ुकुरी और सामाजिक सामंजस्य जापान की लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर का महत्वपूर्ण आधार है। इन मूल्यों की झलक जापान के एडमिनिस्ट्रेशन, इण्डस्ट्री, एजुकेशन और सोशल लाइफ, प्रत्येक क्षेत्र में दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिंकानसेन अर्थात जापान की बुलेट ट्रेन अपनी टेक्निकल एफिशिएन्सी, पंचुअलिटी, सेफ्टी एण्ड रिलायबिलिटी के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। यह ट्रेन जापान की उस सोच का प्रतीक है, जहां टेक्नोलॉजी के साथ प्रिसीजन, स्पीड के साथ सेफ्टी और डेवलपमेण्ट के साथ रिलायबिलिटी को समान महत्व दिया जाता है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी अवसंरचनात्मक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान के पास इण्डस्ट्रियल एक्सीलेंस की एक असाधारण विरासत है और उत्तर प्रदेश के पास अपने युवाओं की एक ऊर्जावान पीढ़ी है, जो सीखने, सृजन करने और नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के युवा ऐसी स्किल, प्रिसीजन एण्ड वर्ल्ड कल्चर सीखें, जिसकी डिमाण्ड टोक्यो से लेकर दुनिया के किसी भी एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग हब तक हो। इस दिशा में लैंग्वेज उन्हें जापान से जोड़ेगी, टेक्निकल स्किल उन्हें इण्डस्ट्री से जोड़ेगी और जापानी वर्क कल्चर उन्हें ग्लोबल स्टैण्डर्ड से जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज ग्लोबल कम्पनीज ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां रिज़ीलिएन्स व रिलायबिलिटी हो, ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए डायवर्सिफिकेशन हो और बड़े पैमाने पर ग्रोथ क्षमता भी हो। उत्तर प्रदेश इन चारों आवश्यकताओं को पूरा करने की सामर्थ्य रखता है। पिछले तीन दिनों में जापानी डेलीगेशन के सदस्यों के साथ हुई बातचीत में वर्किंग रिलेशनशिप को मजबूत करने, उत्तर प्रदेश की पॉलिसीज तथा बिजनेस एनवायरमेंट को समझने और उसे बेहतर बनाने तथा उत्तर प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापानी प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश की पॉलिसी रिफॉर्म और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हुए सुधारों की सराहना की है। विशेष रूप से सीमलेस अप्रूवल, लैण्ड अलॉटमेंट की सरल प्रक्रिया और रिड्यूस्ड कम्प्लायंसेज में हुए सकारात्मक बदलाव की। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब, इण्टीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर्स, इण्डस्ट्रियल प्लॉट्स और बेहतर कनेक्टिविटी को भी उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू माना है। प्रदेश में निर्मित उत्पादों का देश के अलग-अलग हिस्सों में सीमलेस मूवमेण्ट सम्भव हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यामानाशी के साथ हमारे सहयोग को अब मजबूत और संस्थागत व्यवस्था में बदलना है। इन्वेस्ट यू0पी0 के अन्तर्गत एक डेडिकेटेड यामानाशी डेस्क स्थापित किया जाएगा, जो यामानाशी सरकार, वहां के उद्योगों और निवेशकों के लिए निरन्तर समन्वय करेगा। दोनों पक्ष इन्वेस्टमेण्ट प्रोजेक्ट्स, इण्डस्ट्री की आवश्यकता, अपू्रवल्स और सामने आ रहे चैलेंजेज़ से जुड़ी जानकारी का प्रत्येक 90 दिन में को-ऑर्डिनेशन और रिव्यू करेंगे, ताकि किसी भी स्तर पर कोई गैप न रहे। इससे एम0ओ0यू0 के क्रियान्वयन से लेकर इन्वेस्टमेण्ट तक की पूरी प्रक्रिया को एक नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने यामानाशी के गवर्नर को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने यामानाशी एम0एस0एम0ई0 कम्पनियों के उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए 600 करोड़ रुपये का फण्ड घोषित किया है। यह उत्तर प्रदेश में जापानी उद्योग के विश्वास का महत्वपूर्ण प्रमाण है। हम जेट्रो और जाइका के साथ अपने सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं। हमारा प्रयास होगा कि इनके माध्यम से अधिक से अधिक जापानी कम्पनियों, एम0एस0एम0ई0 और बिजनेस नेटवर्क को उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों के साथ जोड़ा जाए। हमारा उद्देश्य जापानी कम्पनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि फरवरी, 2026 की जापान यात्रा के दौरान जापानी सी0एक्स0ओ0, बिजनेस एसोसिएशन्स एण्ड इण्डस्ट्रीज डेलिगेशन के साथ हमने व्यापक चर्चा की थी। इन चर्चाओं के दौरान यह भी सहमति बनी कि उत्तर प्रदेश सरकार जापान के अन्य प्रीफेक्चर्स के साथ भी सहयोग को आगे बढ़ाएगी। हमारा प्रयास होगा कि यामानाशी के साथ विकसित मॉडल को यामानाशी के माध्यम से जापान के अन्य प्रीफेक्चर्स तक भी विस्तार दिया जाए। इस दिशा में यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर ने अपने सहयोग की इच्छा जताई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जापानी डेलीगेशन के साथ एम0ओ0यू0 किया है। इस प्रकार की साझेदारी उत्तर प्रदेश के और विश्वविद्यालयों तथा जापान के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के मध्य भी विकसित हो। हेल्थ केयर और मैन्युफैक्चरिंग प्रोफेशनल्स के साथ पॉलिटेक्निक, नर्सिंग ग्रेजुएट्स तथा अन्य टेक्निकल कोर्सेज के छात्रों को जापानी लैंग्वेज में ट्रेन करने, उनके लिए इम्प्लॉयमेंट और ट्रेनिंग के अवसरों का विस्तार करने का कार्य भी हम इसके साथ करेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम जापानी कम्पनियों के साथ मिलकर उनकी सेक्टर स्पेसिफिक मैनपावर जरूरतों को समझना चाहेंगे, ताकि इन्हीं आवश्यकताओं के आधार पर उत्तर प्रदेश में विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किए जा सकें और जापानी लैंग्वेज की तैयारी कराई जा सके। हमारा लक्ष्य है कि इण्डस्ट्री की जरूरत के अनुसार स्किल और स्किल के अनुसार इम्प्लॉयमेंट का मजबूत ईको-सिस्टम तैयार हो। इससे जापानी कम्पनियों को प्रशिक्षित वर्क फोर्स और उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्लोबल इण्डस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुरूप अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टूरिज्म के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। भारत में जापानी टूरिस्ट की पहले से ही एक स्ट्रांग प्रेजेंस है। हमारा प्रयास है कि बौद्ध सर्किट के माध्यम से जापान से आने वाले पर्यटकों के लिए टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए। इस संबंध में एक एम0ओ0यू0 यहां संपन्न हुआ है। उत्तर प्रदेश भारत का प्रमुख स्पिरिचुअल टूरिज्म हब है। यहां आध्यात्मिक बुद्धिस्ट कल्चर हेरिटेज टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं। जापान में आयोजित होने वाले टूरिज्म फेस्टिवल में उत्तर प्रदेश के पार्टिसिपेशन के माध्यम से हम भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और हॉस्पिटैलिटी को भी वहां प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी हम यामानाशी से अपने सहयोग को अगले चरण तक ले जाना चाहते हैं। आई0आई0टी0 कानपुर व आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 के साथ ग्रीन हाइड्रोजन के सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इसी मॉडल की तर्ज पर ऐसे और सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा सकते हैं, ताकि रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट को न्यू टेक्नोलॉजी के अडॉप्शन और क्लीन एनर्जी में इनोवेशन को तेजी के साथ आगे बढ़ाया जा सके। एक पायलट प्रोजेक्ट विकसित करने पर भी यहां सहमति हुई है और उत्तर प्रदेश सरकार उसे यामानाशी के साथ मिलकर इम्प्लीमेंट करेगी। इसके लिए भारतीय कम्पनी और जापानी कम्पनी के बीच टेक्नोलॉजी एवं बिजनेस पार्टनरशिप विकसित की जाएगी। उत्तर प्रदेश के अनेक उद्यमी और इन्वेस्टर इस टेक्नोलॉजी को अपनी-अपनी इण्डस्ट्री में भी लागू करने के लिए सहमत हो सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनके डेलीगेशन को भी हम यामानाशी प्रीफेक्चर की यात्रा में भेजेंगे, जहां जाकर वह इन कार्यों का अनुभव करेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उद्योग जगत के साथ समन्वय कर एक उपयुक्त अपटेकर की पहचान की जाएगी, ताकि यह पायलट परियोजना आगे बड़े स्तर पर विस्तार योग्य एक कॉमर्शियल मॉडल भी बन सके। अक्टूबर, 2026 में यामानाशी में आयोजित होने वाली इण्टरनेशनल हाइड्रोजन समिट में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश अपना डेलीगेशन भेजेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेण्टर की स्थापना के लिए एक मजबूत ईको-सिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने जापानी जी0सी0सी0 कम्पनियों को यहां आने, इन्वेस्ट करने और अपना बिजनेस सेटअप करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर एक एम0ओ0यू0 भी यहां साइन हुआ है। हमारा लक्ष्य केवल इन्वेस्टमेंट लाना नहीं है, बल्कि जापान के साथ एक लॉन्ग टर्म ट्रस्ट बेस्ड पार्टनरशिप बनाना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम चाहते हैं कि जापानी कम्पनियां उत्तर प्रदेश में आएं। यहां इन्वेस्टमेंट और प्रोडक्शन करें। यहां से बने उत्पाद पूरे भारत तथा ग्लोबल मार्केट तक पहुंचें। भारत और जापान ऐसे देश हैं, जिन्होंने अपनी विरासत और परम्परा को अपने दैनिक जीवन और कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाए रखा है। जापान की संस्कृति हजारों वर्षों की समृद्ध परम्परा से विकसित हुई है और उस पर शिन्टो तथा बौद्ध परम्पराओं का गहरा प्रभाव रहा है। नेचर के प्रति सम्मान, एंसेस्टर्स के साथ श्रद्धा और स्पिरिचुअल बैलेंस जापानी सोशल लाइफ के महत्वपूर्ण आधार हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति भी प्रकृति के प्रति सम्मान, समाज के प्रति दायित्व और समस्त मानवता को एक परिवार मानने की भावना पर आधारित है। हमारी संस्कृति का संदेश ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘माता भूमि पुत्रोऽहं पृथिव्या’ है। भारत और जापान की प्रगति की यात्रा में अनेक सांस्कृतिक और मानवीय समानताएं दिखाई देती हैं। परम्परा और आधुनिकता एक-दूसरे की पूरक हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार विरासत और विकास के अद्भुत समन्वय की साक्षी बनी है। विरासत हमारी पहचान, संस्कृति हमारी आत्मा, कार्य संस्कृति हमारी शक्ति और विकास हमारा संकल्प है। इन चारों को साथ लेकर उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। जापान का सहयोग इस विकास की गति को और तेज करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी महोत्सव मनाएगा। तब हमारी आकांक्षा है कि उत्तर प्रदेश में काम कर रही जापानी कम्पनियां केवल यह न कहें कि हमने भारत में निवेश किया है, अपितु गर्व से कहें कि हमने अपना ग्लोबल फ्यूचर उत्तर प्रदेश से बनाया है। भारत-जापान रिलेशंस केवल आज की आर्थिक साझेदारी नहीं है। इसके पीछे भगवान बुद्ध से जुड़ी हमारी शेयर्ड हेरिटेज है। आज हमारे पास इस प्राचीन संबंध को नए युग की इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल एण्ड इनोवेशन पार्टनरशिप में बदलने का एक हिस्टोरिक अवसर है।
मुख्यमंत्री जी ने जापान की प्रिसीजन को उत्तर प्रदेश के स्केल से, जापान की टेक्नोलॉजी को भारत के टैलेंट से और जापान के लॉन्ग टर्म विजन को उत्तर प्रदेश की एम्बिशन के साथ जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टनरशिप की सफलता केवल बिलियंस ऑफ रूपीज के इन्वेस्टमेंट से नहीं नापी जाएगी। इसकी अगली सफलता मिलियंस ऑफ जॉब्स और न्यू टेक्नोलॉजीज होगी। यह ग्लोबल प्रोडक्ट्स और आने वाली पीढ़ियों के लिए शेयर्ड प्रोस्पेरिटी में दिखाई देगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान हमारे लिए केवल इन्वेस्टर नहीं, बल्कि को-क्रिएटर भी है। हमारा लक्ष्य साथ मिलकर ग्रो करना और दुनिया के लिए वैल्यू क्रिएट करना है। एम0ओ0यू0 को प्रोडक्शन तथा प्रोडक्शन को ग्लोबल एक्सपोर्ट्स में बदलकर उत्तर प्रदेश की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के संकल्प को पूरा करना है। इस दिशा में उत्तर प्रदेश एक रिलायबल और लॉन्ग टर्म पार्टनर के रूप में आपके साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि साझी विरासत और साझा भविष्य के साथ यहां पधारे जापानी मित्र और जापानी कंपनियां उत्तर प्रदेश को अपना पसंदीदा पार्टनर बनाएंगी। उन्होंने कहा कि द इण्डस्ट्री ऑफ 2047 आर बीइंग डिजाइन्ड टुडे। वी वॉण्ट जापान एण्ड यू0पी0 टू डिजाइन देम टुगेदर।
कार्यक्रम को यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर श्री कोटारो नागासाकी तथा उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर वाइस गवर्नर यामानाशी प्रीफेक्चर श्री जुनिची इशिदेरा, प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री श्री जसवन्त सिंह सैनी, उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, निवेशकगण, उद्यमी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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