दुग्धशाला विकास विभाग की स्वर्ण जयंती वर्ष पर प्रदेश के सभी जनपदों में जनपदीय स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव - 2026 का आयोजन किया गया

उत्तर प्रदेश लगभग 38.8 मिलियन मिट्रिक टन दुग्ध उत्पादन के साथ देश में प्रथम स्थान पर

नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत लगभग 2.25 लाख रोजगार सृजित हुए

कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में 2100 नव चयनित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-सवंर्धन योजना, 1500 से अधिक मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना तथा 450 से अधिक नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किये गये

आधुनिक डेयरी तकनीकों वैज्ञानिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य, संतुलित पशु आहार तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई
लखनऊ: 05 अगस्त, 2026
 दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जनपदीय स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तथा दुग्धशाला विकास विभाग मुख्यालय से दुग्ध आयुक्त श्रीमती धनलक्ष्मी के0 का संबोधन एवं विभागीय योजनाओं से सम्बन्धित विडियो को वेब लिंक के माध्यम से प्रसारित किया गया।
कान्क्लेव को संबोधित करते हुए दुग्ध आयुक्त ने कहा कि वर्ष 2024-25 में भारत लगभग 248 मिलियन मैट्रिक टन दुग्ध उत्पादन के साथ विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, जिसमें उत्तर प्रदेश लगभग 38.8 मिलियन मिट्रिक टन दुग्ध उत्पादन एवं लगभग 16 प्रतिशत योगदान के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, रोजगार सृजन एवं किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं से कुल 17,994 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है तथा 4,951 प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2.25 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में 2100 नव चयनित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-सवंर्धन योजना, 1500 से अधिक मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना तथा 450 से अधिक नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के 829 एम0ओ0यू0 संपादित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत 39 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवशीतन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा लगभग 10,000 रोजगार सृजित हुए हैं। निवेशकों को डी0बी0टी0 के माध्यम से लगभग 42 करोड़ रुपये का अनुदान भी उपलब्ध कराया गया है।
कॉन्क्लेव में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, पशुपालन एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों, दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों, प्रगतिशील दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों तथा दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विभागीय अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने आधुनिक डेयरी तकनीकों वैज्ञानिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य, संतुलित पशु आहार तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
दुग्ध आयुक्त ने सभी हितधारकों से विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने, आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों को अपनाने तथा प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को और अधिक समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।