*पेशेवर कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए यूपी रेरा का 46वां रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण शुरू*

*लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर*

*दिनांक: 05 अगस्त 2026*

उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणाली और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 46वां रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। चार दिवसीय यह प्रशिक्षण बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी परिसर में शुरू हुआ। इसका आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के सहयोग से किया जा रहा है।


इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 62 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा करने और परीक्षा में सफल होने के बाद प्रतिभागी प्रमाणित रियल एस्टेट एजेंट के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।


कार्यक्रम का उद्घाटन यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने ऑनलाइन माध्यम से किया। कार्यक्रम स्थल पर राजस्व वसूली अधिकारी श्री अंशुमान सिंह और उप सचिव श्री पंकज सक्सेना ने दीप प्रज्ज्वलित किया। उद्घाटन सत्र में सचिव श्री महेंद्र वर्मा, प्रधान सलाहकार श्री अबरार अहमद, संयुक्त सचिव श्री के.के. सिंह और वित्त सलाहकार श्री सुधांशु त्रिपाठी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। वहीं, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की ओर से श्री प्रकाश पांडेय कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


*अध्यक्ष ने प्रशिक्षण के महत्व पर दिया जोर*

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जिम्मेदार और पेशेवर बनाने में व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रमाणन की महत्वपूर्ण भूमिका है।


उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य रियल एस्टेट एजेंट बनने के इच्छुक लोगों को रेरा अधिनियम, उससे जुड़े नियमों और रेरा की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी देना है, ताकि वे अपने काम और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके और ईमानदारी से निभा सकें।


अध्यक्ष ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र लंबे समय से कई तरह की समस्याओं का सामना करता रहा है, जिनका असर प्रमोटरों, एजेंटों और घर खरीदारों सभी पर पड़ा है। रेरा की स्थापना के बाद इन समस्याओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है व घर खरीदारों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।


उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसके आधार पर वे रियल एस्टेट एजेंट के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। श्री भूसरेड्डी ने कहा कि यूपी रेरा का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं है, बल्कि प्रदेश में ऐसा रियल एस्टेट क्षेत्र तैयार करना भी है, जहां पारदर्शिता हो, लोगों का भरोसा हो और घर खरीदारों के हितों को प्राथमिकता मिले।


*पहले दिन हुए तकनीकी सत्र*

प्रशिक्षण के पहले दिन रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और कानूनी विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। राजस्व वसूली अधिकारी श्री अंशुमान सिंह ने रेरा अधिनियम के प्रावधानों, यूपी रेरा के नियमों और विनियमों के साथ-साथ आवंटियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


इसके बाद श्री विनय अग्रहरि ने यूपी रेरा के ऑनलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली और उसकी प्रमुख सुविधाओं के बारे में बताया। दिन के अंतिम तकनीकी सत्र में अधिवक्ता श्री दिव्यांशु सारस्वत ने रियल एस्टेट से जुड़े लेन-देन में महत्वपूर्ण संविदा अधिनियम और संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।


यूपी रेरा ने रियल एस्टेट एजेंट के पंजीकरण से पहले प्रशिक्षण और प्रमाणन को अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट एजेंटों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना, सही व्यावसायिक व्यवहार को बढ़ावा देना और प्रदेश के घर खरीदारों के हितों को अधिक सुरक्षित करना है।


*अब तक 1,700 से अधिक अभ्यर्थी हो चुके हैं प्रमाणित*

46वें बैच की शुरुआत के साथ यूपी रेरा अब तक लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में 45 प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित कर चुका है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए 3,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 1,998 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है।


अब तक 41वें बैच तक की परीक्षा के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। प्रमाणन परीक्षा पास करने के बाद कुल 1,713 अभ्यर्थी सफलतापूर्वक प्रमाणित हो चुके हैं।


रियल एस्टेट एजेंट के पंजीकरण से पहले प्रशिक्षण और प्रमाणन को अनिवार्य करना यूपी रेरा की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में काम करने वाले एजेंटों के पेशेवर स्तर को बेहतर बनाना और पूरे उत्तर प्रदेश में घर खरीदारों के हितों को अधिक मजबूत सुरक्षा प्रदान करना है।