आजादी के 79 साल बाद भी छात्र छात्राओं को स्कूल जाने के लिये नहीं मिली सडक -----
रिपोर्ट --- सैय्यद जावेद अखतर
हमीरपुर उत्तर प्रदेश के चंदुपर गांव ब्रम्हा का डेरा, गंगुवा का डेरा में आजादी के 79 साल बाद भी छात्र छात्राओं को स्कूल जाने और आने के लिये सडक नहीं मिल सकी, जिसके चलते सडक बनवाने की मांग को लेकर उन्हें गांव वालों के साथ मुख्यालय आकर प्रदर्शन करने की जरुरत आन पडी, जो बडे ही अफसोस और ताज्जुब की बात है। जी हाँ! देश को आजाद हुये करीब 79 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी लोग सडक जैसी मूलभूत परेशानी से जूझ रहे है। जबकि नगर के लिये इस काम की जिम्मेदारी नगर पालिका, कस्बों में नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतो और क्षेत्र पंचायतों को सौंपी गई है, जबकि सरकार की तरफ से इन कामों के लिये सभी को बजट भी खूब दिया जाता है। इसके बावजूद भी आम लोगों को बिजली, पानी और सडक जैसी मूलभूत समस्याओं के लिये प्रदर्शन करने के साथ ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की जरुरत पडती है। जी हाँ, एसा ही एक मामला मुख्यालय के कलैक्ट्रेट परिसर में उस वख्त देखने को मिला, जब मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर चंदूपुर गांव में स्कूल तक पक्की सडक बनवाने की मांग को लेकर गांव के ही प्राथमिक स्कूल के छात्र छात्राओं और ग्रामीणों ने डीएम आफिस में पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों और ग्रमीणों की मांग थी, कि उनके स्कूल तक जाने -आने के लिए पक्की सड़क का निर्माण कराया जाये , ताकि बारिश के मौसम में छात्र छात्राओं को स्कूल जाने और आने के लिये कीचड और पानी भरे रास्ते से होकर न गुजरना पडे। वहीं मौके पर मौजूद सीओ एसडीएम सहित सदर कोतवाली पुलिस ने नाराज ग्रामीणों और छात्र छात्राओं को काफी मशक्कत के बाद समझा बुझाकर बिगडते हालात को सम्हाला।
फोटो --1--प्रदर्शन करती छात्रायें, छात्र।
बाईट-- राकेश कुमार ( एडीएम, रेवेन्यू फाईनेंस)

0 टिप्पणियाँ
If you have any doubts, please let me know