उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के सुमेरपुर थाने में तैनात प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार पटेल अपराधियों की धरपकड़ के साथ ही अपराधों की रोकथाम के लिये हमेशा एक्शन मोड में रहने के साथ ही अपराधियों पर पैनी नजर रखते हैं, जिसके बाद कोई भी अपराधी उनकी नजर से बच नहीं पाता है। उनकी इसी तेजी के चलते फरार चल रहे चाचा के क़त्ल के कातिल भतीजे को दबोचने में मिली उन्हें कामयाबी। प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार पटेल ने बताया कि 16 अगस्त 26 को छोटू उर्फ योगेन्द्र सिंह परिहार अपने चाचा मृतक योगेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ भूरे सिंह चन्देल के साथ शिवानी ढाबा पर खाना खाने गया था, वहां दोनों के बीच गाली-गलौज और झगड़ा हो गया था। घर वापस आते वख्त भी झगड़ा जारी रहा था,इसी बीच मुल्जिम ने घर के बरामदे में रखे डण्डे से अपने चाचा के सर पर जोरदार वार कर दिया, जिस्से उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद कातिल ने अपना शातिर दिमाग चलाते हुते क़त्ल की वारदात को हादसे की शक्ल देने के इरादे से सबूतों को छुपाने के मकसद से लाश को खींचकर जीने की सीढ़ियों पर रख दिया था, साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया डण्डा, मृतक की खून से सनी शर्ट और चप्पल को ट्यूबवेल के पास झाड़ियों में छिपा दिया था। मु0अ0सं0 282/2026 धारा 103(1) बीएन एस के तहत दर्ज मामले मामले में फरार चल रहे थाना क्षेत्र के इंगोहटा निवासी 26 वर्षीय मुल्जिम छोटू सिंह उर्फ योगेन्द्र सिंह परिहार पुत्र ज्ञान सिंह को इंगोहटा के उसके खेत में ट्यूबवेल के पास से दबोच लिया गया। पुलिस ने मुल्जिम की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल
आलाकत्ल डंण्डा, मृतक की खून सनी शर्ट और चप्पल बरामद करने में कामयाबी हासिल की। वहीं मामले में धारा 238 बीएन एस को और बढ़ाया गया है। जबकि कातिल को दबोचने वाली टीम में खासतौर से प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार पटेल,एस आई मनीष पटेल,कांस्टेबल सुमित कुमार यादव सहित कांस्टेबल शुभम शामिल रहे।

0 टिप्पणियाँ
If you have any doubts, please let me know