*लखनऊ पहुंचे बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री संजय विनायक जोशी, किया लॉ फर्म कोलंबस लीगल’ का भव्य उद्घाटन*



लखनऊ। राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर में रविवार को लॉ फर्म ‘कोलंबस लीगल’ (Columbus Legal) का भव्य उद्घाटन किया गया। 8/204, इंदिरा नगर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री संजय विनायक जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कोलंबस लीगल की शुरुआत का उद्देश्य ऐसे लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक परेशानियों के चलते न्याय की प्रक्रिया तक नहीं पहुंच पाते। संस्था की ओर से जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने और उन्हें कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।


कार्यक्रम में संजय विनायक जोशी ने अधिवक्ता समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की एकता अपने आप में एक बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बार और बेंच के बीच मजबूत एवं बेहतर संबंधों को भी न्याय व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

संजय विनायक जोशी ने कहा कि जब अधिवक्ता समाज मजबूत होता है तो उसका सकारात्मक संदेश पूरे समाज में जाता है। न्यायिक व्यवस्था में अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी और भूमिका को देखते हुए उनके बीच समन्वय और एकजुटता जरूरी है।


कोलंबस लीगल की शुरुआत हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्त देवेंद्र कुमार राय व हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हिमांशु शेखर ने संयुक्त रूप से की है। संस्था की ओर से बताया गया कि जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता देने के साथ-साथ नए अधिवक्ताओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवा अधिवक्ताओं को व्यावहारिक अनुभव और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी पेशेवर क्षमता को मजबूत कर सकें और अधिवक्ता समाज को नई ऊर्जा मिल सके।


कार्यक्रम में न्यायिक उत्कृष्टता, सत्यनिष्ठा और सेवा को केंद्र में रखते हुए संस्था के भविष्य के कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई। आयोजकों ने कहा कि कोलंबस लीगल के माध्यम से कानूनी सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने और युवा अधिवक्ताओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। लखनऊ में शुरू हुई कोलंबस लीगल की यह पहल, आने वाले समय में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और युवा अधिवक्ताओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।