मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार के अन्तर्गत उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए
विकसित भारत का सपना विकसित उ0प्र0 से और विकसित उ0प्र0 का लक्ष्य आत्मनिर्भर एवं विकसित ग्राम पंचायतों से पूर्ण होगा : मुख्यमंत्री
नवचयनित अधिकारी सरकार और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करें, पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने, ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने और गाँवों को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ
नियुक्ति केवल एक व्यक्ति के लिए रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास लेकर आती
विगत साढ़े नौ वर्षों में 09 लाख 50 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली
आगामी 06 माह में एक लाख और युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित करने का लक्ष्य रखा गया, नियुक्तियों का यह क्रम आगे जारी रहेगा
हाल ही में लगातार कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के पक्के मकानों ने लाखों गरीब परिवारों को सुरक्षा प्रदान की
ग्राम पंचायतों में बी0सी0 सखी, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, अन्नपूर्णा भवन, सामुदायिक शौचालय और उत्सव भवन आदि के माध्यम से स्थानीय रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे
गाँव की बेटी या बहू के रूप में बी0सी0 सखी बैंकिंग सेवाओं को गाँव तक पहुँचा रहीं, पंचायत सहायक एवं रोजगार सेवक ग्रामीणों को विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध करा रहे
ग्राम सचिवालय ग्रामीण प्रशासन और सेवा वितरण का नया केन्द्र बन रहे, यहाँ बिजली, इण्टरनेट, कम्प्यूटर, आवश्यक उपकरण, डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम आदि सुविधाएँ उपलब्ध
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से ग्राम पंचायतों को आधुनिक प्रशासन से जोड़ा गया, पंचायत कर्मियों की उपस्थिति के लिए फेशियल रिकॉग्निशन की व्यवस्था की जा रही
जिन बच्चों के पास किताब, कम्प्यूटर या अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध नहीं, उनके लिए ग्राम पंचायत की डिजिटल लाइब्रेरी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही
लखनऊ : 28 सितम्बर, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित उत्तर प्रदेश से और विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य आत्मनिर्भर एवं विकसित ग्राम पंचायतों से पूर्ण होगा। ग्राम पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई के रूप में नहीं बल्कि आत्मनिर्भर आर्थिक इकाई के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। ग्राम पंचायत अधिकारी इस परिवर्तन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
मुख्यमंत्री आज यहाँ मिशन रोजगार के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान नवचयनित अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि नवचयनित अधिकारी सरकार और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करेंगे तथा पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने, ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने और गाँवों को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि जिस ईमानदारी और पारदर्शिता से उनका चयन हुआ है, उसी ईमानदारी से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन करना होगा। सरकार उनसे अपेक्षा करती है कि वह अपनी ग्राम पंचायतों को नई पहचान दिलाएं और सेवा भावना के साथ कार्य करें। ग्राम पंचायत अधिकारी स्थानीय स्तर पर नवाचार और नए विचारों को बढ़ावा दें। प्रत्येक ग्राम पंचायत को मॉडल ग्राम पंचायत और स्मार्ट ग्राम पंचायत बनाने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ काम करना चाहिए। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, तालाबों का पुनर्जीवन, जल संरक्षण, स्थानीय रोजगार और पंचायत की आय बढ़ाने की दिशा में ठोस कार्य किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राज्य की समृद्धि के लिए किया जा रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी ग्रामीण विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में कार्य करते हुए गाँवों को आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने में योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक युवा को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ उसके पूरे परिवार में खुशी आती है। यह नियुक्ति केवल एक व्यक्ति के लिए रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास लेकर आती है। प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को लगातार सरकारी सेवाओं में अवसर मिल रहे हैं। आगामी 06 माह में एक लाख और युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। सितम्बर में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। नियुक्तियों का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं की वर्तमान पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि उसे ऐसा वातावरण मिल रहा है, जिसमें वह अपनी योग्यता और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ सकती है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा और आशंका का वातावरण था। सरकार ने पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया लागू कर इस स्थिति में बदलाव किया। विगत साढ़े नौ वर्षों में 09 लाख 50 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।
पारदर्शी व्यवस्था और बेहतर कानून-व्यवस्था के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज अपनी नई पहचान बना रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट के आकार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विगत साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय तथा बजट के दायरे को लगभग तीन गुना करने में सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
28 सितम्बर महान क्रान्तिकारी सरदार भगत सिंह की जयन्ती का दिन भी है। सरदार भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की आयु में देश की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया। उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के जीवन को बेहतर बनाना था। आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अनेक युवा भी 20 से 27 वर्ष की आयु के हैं। उन्हें देश और प्रदेश की सेवा करने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।
28 सितम्बर, 2023 को प्रदेश की 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतों ने ओ0डी0एफ0 प्लस के लक्ष्य को प्राप्त किया था। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रदेश में 03 करोड़ 32 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। स्वच्छता अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की गरिमा और सम्मान को मजबूती मिली है तथा गाँवों के वातावरण में व्यापक परिवर्तन आया है।
प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास, लगभग 16 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन, पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत पाँच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर, उज्ज्वला योजना के माध्यम से निःशुल्क गैस कनेक्शन तथा गाँव-गाँव में बिजली सहित अनेक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव पात्र व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और ग्राम पंचायत अधिकारी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने हाल में हुई भारी वर्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत बनाए गए पक्के मकानों ने लाखों गरीब परिवारों को सुरक्षा प्रदान की। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीब परिवारों को कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षित आवास उपलब्ध हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत वह होगी, जो अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो, अपनी आय के स्रोत विकसित करे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करे। ग्राम पंचायतों में बी0सी0 सखी, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, अन्नपूर्णा भवन, सामुदायिक शौचालय और उत्सव भवन आदि के माध्यम से स्थानीय रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने स्तर पर पाँच से सात तक नए रोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता रखती है। गाँव की बेटी या बहू के रूप में बी0सी0 सखी बैंकिंग सेवाओं को गाँव तक पहुँचा रही हैं। पंचायत सहायक एवं रोजगार सेवक ग्रामीणों को विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं। अन्नपूर्णा भवन और मॉडल शॉप के माध्यम से रोजगार एवं सेवा वितरण की नई व्यवस्था विकसित हो रही है।
ग्राम सचिवालय ग्रामीण प्रशासन और सेवा वितरण का नया केन्द्र बन रहे हैं। लम्बे समय तक ग्राम पंचायतों के पास अपना कार्यालय तक नहीं था। अब आधुनिक ग्राम सचिवालयों में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बी0सी0 सखी, पंचायत सेवक आदि के बैठने की व्यवस्था है। यहाँ बिजली, इण्टरनेट, कम्प्यूटर, आवश्यक उपकरण, डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। जन्म, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाओं के लिए ग्रामीणों को अब बार-बार ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अनेक सेवाएँ गाँव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से ग्राम पंचायतों को आधुनिक प्रशासन से जोड़ा गया है। पंचायत कर्मियों की उपस्थिति के लिए फेशियल रिकॉग्निशन की व्यवस्था की जा रही है। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक मंच उपलब्ध करा रही हैं। जिन बच्चों के पास किताब, कम्प्यूटर या अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए ग्राम पंचायत की डिजिटल लाइब्रेरी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकती है।
पंचायत की भूमि, तालाब, स्थानीय बाजार, दुकानें, कृषि मण्डी, शिल्प मेले और अन्य स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। तालाबों को साफ-सुथरा रखते हुए जहाँ उपयुक्त हो, वहाँ मत्स्य पालन के माध्यम से पंचायत की आय बढ़ाई जा सकती है। जिस ग्राम पंचायत की अपनी आय होगी, उसकी विकास क्षमता भी बढ़ेगी। सरकार पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोतों को विकसित करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करेगी। 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप पंचायतों को अपने स्वयं के राजस्व स्रोत विकसित करने पर विशेष ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गाँवों में बीमारी के दो प्रमुख कारण गन्दगी और अशुद्ध पेयजल रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से स्वच्छता की दिशा में व्यापक कार्य हुआ है। जल जीवन मिशन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय युवाओं को प्लम्बिंग का प्रशिक्षण देकर गाँव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि पेयजल पाइपलाइन में खराबी होने पर तत्काल मरम्मत हो सके।
कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवा के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। युवाओं को बिना भ्रष्टाचार और बिना सिफारिश के सरकारी सेवाओं में अवसर मिल रहा है। अब ग्राम पंचायत अधिकारियों के कंधों पर गाँवों की तस्वीर और ग्रामीणों की तकदीर बदलने की जिम्मेदारी है।
पंचायतीराज मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पंचायतीराज विभाग की भूमिका व्यापक हुई है। प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण धुरी बनी हैं। 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, कॉमन सर्विस सेण्टर के माध्यम से 5.1 करोड़ से अधिक सेवाएँ, वृक्षारोपण अभियान में 1.42 करोड़ पौधों का रोपण, 9,428 से अधिक ग्रामों के ओ0डी0एफ0 प्लस बनने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 में प्रदेश के सेण्ट्रल जोन ने प्रथम स्थान जैसी उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं।
कार्यक्रम के दौरान पंचायतीराज विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ0 महेन्द्र कुमार सिंह, श्री मुकेश शर्मा, डॉ0 लाल जी प्रसाद निर्मल, श्री रामचन्द्र प्रधान, विधायक डॉ0 नीरज बोरा, श्रीमती जय देवी, श्री अमरेश कुमार, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, प्रमुख सचिव पंचायतीराज श्री रविन्दर, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक श्री एम0 देवराज, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष श्री एस0एन0 साबत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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