रिपोर्ट --सैय्यद जावेद अख्तर*



उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में 2019 में पत्नी को फांसी लगाकर मौत की नींद  सुलाने वाले बेरहम पति को सात साल की सख्त सजा के साथ ही सुनाया गया 25 हजार का जुर्माना। जबकि मामले से जुड़ी सास मुन्नी देवी सहित ससुर कारेलाल को अपर जिला एवं सत्र अदालत फर्स्ट की स्कालर जज अफशां ने सुबूतों की कमी के बिना पर बरी कर दिया है। अभियोजन की तरफ से पैरवी कर रहे एडीजीसी‌ क्रिमिनल चन्द्र प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि बिंवार थानाक्षेत्र के मवईजार निवासी मृतका रौशनी के पिता अनन्तराम साहू ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में कहा था कि, उसने अपनी पुत्री रौशनी की शादी बिंवार क्षेत्र के लोदीपुर निवादा निवासी कारेलाल पुत्र लल्लू राम के पुत्र उमाशंकर उर्फ संदीप के साथ 2 दिसंबर 2016 में छानी के शिवहरे गैस्ट हाऊस से की थी,और शादी में अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज देने के साथ ही पांच लाख नगद रुपये भी दिये थे, इसके बावजूद उसकी पुत्री जब भी अपनी ससुराल से मायके आती थी, तो उन्हें बताती थी, कि उसके पति सहित सास, ससुर और जेठ मोटर साइकिल और वाशिंग मशीन न मिलने का अक्सर ताना देने के साथ ही उसके साथ मारपीट भी करते हैं, ये सुनकर मृतका के घर वाले अपनी पुत्री को समझा बुझाकर ससुराल भिजवा दिया करते थे। लेकिन पुत्री के साथ किसी अनहोनी का डर उन्हें अक्सर सताने लगा था, और इसी बीच 11 अप्रैल 2019 की रात 12 बजे के करीब पुत्री की सास मुन्नी देवी ने उन्हें फोन पर बताया था कि उनकी पुत्री की तबीयत खराब हो गई है, रात होने की वजह से जब तक वो कुछ समझ सोच पाते तभी 2 बजे रात पुत्री के ससुर का फोन आया कि उनकी पुत्री की मौत हो चुकी है,अगर उसे देखना हो तो हमीरपुर जिला अस्पताल आ जायें, इसके बाद वो लोग किसी तरह साधन का इंतिजाम करके  जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें उनकी पुत्री की लाश मिली, और जब लाश को उन्होंने उलट पलट कर देखा तो उन्हें पुत्री की लाश पर चोटों के निशान के साथ ही गले में फांसी लगाने का  निशान भी मिला। वहीं तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने पति उमाशंकर उर्फ संदीप हित सास मुन्नी देवी, ससुर कारेलाल साहू सहित जेठ के खिलाफ 16 अप्रैल 2019 में मु0अ0सं0- 69/2019 धारा- 498ए,304बी आईपीसी सहित 3/4 दहेज उत्पीड़न एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू करदी थी, जबकि मामले की जांच तत्कालीन सीओ बालक राम ने पूरी करते हुये अदालत में चार्जशीट दाखिल करदी थी, वहीं आपरेशन कन्विक्शन के तहत  एडीजे फर्स्ट की अदालत की स्कालर जज अफशां ने मामले में पति उमाशंकर उर्फ संदीप को गुनहगार मानते हुये धारा-306, में सात साल की सख्त सजा के साथ ही 20 हजार का जुर्माना सुनाया, जबकि धारा 498ए आईपीसी के तहत तीन साल की सख्त सजा के साथ ही पांच हजार का जुर्माना सुनाया, दोनों ही सजायें साथ -साथ चलेंगी। जबकि सास मुन्नी देवी सहित ससुर कारेलाल को सुबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया गया है।