रिपोर्ट***सैय्यद जावेद अख्तर*****
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिलाधिकारी अभिषेक गोयल बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है, जबकि राहत और बचाव की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 91 राजस्व गांव बाढ़ के मद्देनजर संवेदनशील हैं। जबकि मौजूदा वक्त में यमुना और बेतवा नदियों का वाटर लेवल 97 मीटर से कम है जो खतरे के निशान से करीब 7 मीटर नीचे है।
फिलहाल दोनों नदियों में अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, और न ही सम्बन्धित बांधों से पानी आने की कोई सूचना है, जबकि विर्मा और चंद्रावल नदियों का वाटर लेवल खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि विर्मा और चंद्रावल नदी का वाटर लेवल बढ़ने की वजह से कनेरा और शिवनी गांव के एक-एक मजरे के मार्ग कट गए थे। लेकिन अब इन इलाकों में नावों के जरिए से आना-जाना शुरू करा दिया गया है। वहीं बाढ़ की चपेट में आने वाले सभी लोगों को राहत किट दी जा चुकी है। प्रशासनिक और मेडिकल टीमों ने मौके पर पहुंचकर चपेट में आए लोगों की मदद और राहत पहुंचाने का काम किया गया है।
फिलहाल दोनों मजरों के अलावा और कोई गांव बाढ़ की चपेट में नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि जानवरों के लिए बड़ी तादाद में भूसा मुहैया कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड पर है, जबकि लोगों की मदद और उनकी हिफाजत के लिए जरूरी इंतजाम पूरे किए जा चुके हैं।
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